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”WHATSAPP जासूसी के बारे में मोदी सरकार को थी जानकारी”, एक्सपर्ट ने शेयर किए ‘सबूत’

खबर के अनुसार, 'साइबर एक्सपर्ट्स ने ऐसे सबूत पेश किए है, जिनसे पता चलता है कि इसी साल मई में सरकार को पता चला था कि व्हाट्सएप में सेंध लगायी जा सकती है।'

whatsapp spy caseसाइबर एक्सपर्ट्स ने ऑनलाइन कुछ सबूत पोस्ट कर बताया है कि सरकार को व्हाट्सएप जासूसी मामले की जानकारी थी।

केन्द्र सरकार ने स्पाइवेयर ‘पैगासस’ द्वारा व्हाट्सएप से लोगों की जासूसी होने के मामले की जानकारी होने से इंकार किया है, लेकिन कई साइबर एक्सपर्ट्स ने कुछ ऐसे ऑनलाइन सबूत दिए हैं, जिनसे पता चलता है कि सरकार को इसके बारे में जानकारी थी। दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, ‘साइबर एक्सपर्ट्स ने ऐसे सबूत पेश किए है, जिनसे पता चलता है कि इस साल मई में सरकार को पता चला था कि व्हाट्सएप में सेंध लगायी जा सकती है, इसके चलते एक कंप्यूटर इमरजेंसी टीम केन्द्रीय आईटी मंत्रालय के साथ मिलकर इस मसले पर काम कर रही थी।’

खबर के अनुसार, एक एनजीओ ‘इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन’ (इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन) ने मंत्रालय की कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम (CERT) के एक वेबपेज का आर्काईवल लिंक ऑनलाइन पर पोस्ट किया है, जिससे व्हाट्सएप को हैक होने संबंधी संवेदनशीलता का पता चलता है। व्हाट्सएप में सेंध लगने संबंधी खतरे की गंभीरता को ‘हाई’ रेट किया गया है। बता दें कि यह जानकारी CERT की वेबसाइट पर बीती 17 मई को Vulnerability Notes के सेक्शन में पोस्ट की गई है।

हालांकि अब इस वेब पेज को नीचे कर दिया गया है लेकिन यह इसके इलेक्ट्रिक ट्रेस में अभी भी ऑनलाइन है। IFF के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अपार गुप्ता का कहना है कि “NSO ग्रुप के मालवेयर से संबंधी एक घटना ऑनलाइन रिपोर्ट हुई, जिसकी जांच की जिम्मेदारी CERT सौंपी गई थी, जिससे पता चलता है कि भारतीय यूजर्स की सुरक्षा और निजता के साथ समझौता हो सकता है। व्हाट्सएप भारत में करोड़ों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की घटनाओं की जांच की अभी काफी कमी है।”

क्या है मामलाः बता दें कि हाल ही में व्हाट्सएप से कई भारतीय यूजर्स की जासूसी करने का मामला सामने आया है। जिन लोगों की जासूसी की गई है, उनमें वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता, पत्रकार आदि शामिल हैं। खुलासा हुआ है कि जासूसी ‘पेगासस’ मालवेयर यूजर के फोन में इंस्टॉल कर यह जासूसी की गई। पेगासस मालवेयर इजरायली कंपनी NSO ग्रुप द्वारा तैयार किया गया है। गौरतलब है कि बताया जा रहा है कि इजरायली कंपनी द्वारा पेगासस विभिन्न देशों की सरकारों के लिए बनाया गया है, जिनसे वह लोगों की जासूसी कर सकती हैं।

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