बंगाल के अगले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने खुद इसकी घोषणा की है। 9 मई 2026 को सुबह 11 बजे कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बीजेपी सरकार ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में काफी वादे किए हैं और सरकार बनते ही सुवेंदु अधिकारी के एजेंडे में कई खास चीजें होगी।

सुवेंदु के एजेंडा में क्या होगा?

जब सुवेंदु अधिकारी कार्यभार संभालेंगे, तो सरकार को कानून व्यवस्था से लेकर खराब सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर से निपटने और राज्य की वित्तीय स्थिति को ठीक करने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति केंद्र और ममता बनर्जी सरकार के बीच अनबन के कारण पहले से ही तनावपूर्ण थी। सबसे पहले नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता कानून और व्यवस्था को फिर से स्थापित करना और पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक हिंसा की छिटपुट घटनाओं को खत्म करना होगा।

हिंसा रोकना बड़ी चुनौती

सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात कोलकाता के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और चुनौती यह होगी कि हत्यारों को जल्दी पकड़ने के लिए तेजी से जांच सुनिश्चित की जाए, और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थिति 2021 की तरह कंट्रोल से बाहर न हो जाए। 2021 में टीएमसी की जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर चुनाव के बाद हिंसा का सामना करना पड़ा था।

महिलाओं को आर्थिक मदद का वादा

नई सरकार को दूसरी चीज़ों के साथ-साथ महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए आर्थिक मदद देने का BJP का वादा भी पूरा करना है। यह ममता बनर्जी के लक्ष्मी भंडार के जवाब में किया गया था, जिसके तहत महिलाओं को 1,500 रुपये (SC और ST कम्युनिटी की महिलाओं को 1,700) मिलते थे। बीजेपी ने बेरोज़गार युवाओं को 3000 रुपये हर महीने (TMC के वादे से दोगुनी रकम) मदद देने का भी वादा किया है। घोषणापत्र में बड़े पैमाने पर विस्थापन को रोकने के लिए अगले पांच सालों में 1 करोड़ नई नौकरियां और सेल्फ़-एम्प्लॉयमेंट के मौके कैसे दिए जाएं।

नई बीजेपी सरकार यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने और बांग्लादेश बॉर्डर पर बिना कागज़ात वाले इमिग्रेशन से निपटने पर भी ध्यान देगी। बीजेपी ने यह भी वादा किया है कि सरकार बनने के 45 दिनों के अंदर, वह 7th Pay Commission की सिफ़ारिशें लागू करेगी और पेंडिंग डियरनेस अलाउंस (DA) का एरियर चुकाएगी। कोर्ट में राज्य सरकार के हलफ़नामे के मुताबिक इस पर Rs 42,000 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा।

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विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने वहां मौजूद सभी विधायकों से खड़े होकर नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए कहा। पढ़ें पूरी खबर