दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म हो चुका है, आंदोलन से जुड़े सभी समर्थक, छात्र अपने-अपने घरों की ओर लौट चुके हैं। इसी बीच युवाओं के इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी अपने घर जाने की तैयारी में हैं। उनकी मां ने अभिजीत के अगले प्लान के बारे में जानकारी दी है।

दरअसल, अभिजीत दीपके के माता-पिता को अब उनके शादी के कई प्रस्ताव मिल रहे हैं। उनकी माँ को उम्मीद है कि दिसंबर या जनवरी तक अभिजीत की शादी हो जाएगी, हालांकि परिवार ने शादी की तारीख और महीने का फैसला अपने बेटे के फैसले पर ही छोड़ दिया है।

अभी भी आ रहे प्रस्ताव

उनकी माँ अनीता दीपके ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हमें नीट पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही अभिजीत के लिए शादी के प्रस्ताव मिलने लगे थे और वे अभी भी आ रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि जब अभिजीत अमेरिका के बोस्टन शहर में था, तब फोन पर इस बारे में बात हुई थी। अनीता दीपके ने कहा, “उसने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोला; बस मुस्कुरा दिया। माता-पिता के तौर पर हम उस पर शादी के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन जब वह कुछ दिनों में घर लौटेगा, तो हम फिर से यह बात छेड़ेंगे और फैसला उसी पर छोड़ देंगे।”

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हाल ही में हुए आंदोलन के खत्म होने के कुछ समय बाद ही अभिजीत को घर लौटना था, लेकिन बीमार (टाइफाइड) होने के कारण उन्होंने अपनी यात्रा टाल दी। उनकी माँ ने कहा, “अब हमें पता चला है कि उन्हें लौटने में चार-पाँच दिन और लगेंगे।”

धमकियों के बाद दो हफ्ते घर से दूर रहा परिवार

परिवार ने आगे यह भी बताया कि अभिजीत दीपके द्वारा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शुरू करने की घोषणा के कुछ ही समय बाद उन्हें लगभग 2 हफ्ते तक छिपकर रहना पड़ा।

अनीता दीपके ने कहा, “पार्टी शुरू करने के बाद, अभिजीत को बोस्टन में भी धमकियां मिलने लगीं। कॉल करने वालों ने धमकी दी कि चूंकि वह बोस्टन में है, इसलिए वे भारत में उसके माता-पिता को निशाना बनाएंगे।”

“अभिजीत ने तुरंत हमें फोन किया और कहीं और चले जाने को कहा। फिर हम कोंकण चले गए और दो हफ्ते तक रिश्तेदारों के घर रहे। जब वह जून के पहले हफ्ते में बोस्टन से लौटा, तो हम उसे लेने गए।” फिलहाल अभिजीत का परिवार छत्रपति संभाजी नगर के वालुज इलाके में रहता है।

अनीता दीपके ने बताया कि अभिजीत ने घर पर अपनी राजनीतिक योजनाओं के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया था। उन्होंने कहा, “उन्होंने हमें कभी ‘सीजेपी’ शुरू करने की अपनी योजना के बारे में नहीं बताया। हमें उनके इंटरव्यू देखकर न्यूज चैनलों के जरिए ही सब कुछ पता चला।”

शांत स्वभाव से बेहतरीन वक्ता बने अभिजीत

अपने बेटे के बचपन को याद करते हुए, अनीता ने टीवी पर उसके पब्लिक स्पीकिंग (सार्वजनिक रूप से बोलने) के हुनर ​​को देखकर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, “घर पर वह बहुत कम बोलता था। खाने या जरूरी चीजों के अलावा, वह शायद ही कभी लंबी बातचीत करता था या किसी और चीज के बारे में बात करता था। उसने स्कूल में कभी भी भाषण या डिबेट कॉम्पिटिशन में हिस्सा नहीं लिया।”

कोविड में भी मदद की थी

अनीता ने कहा, “वह हमेशा से एक शांत स्वभाव वाला लड़का रहा है। हमने उसे शायद ही कभी गुस्सा करते या ऊंची आवाज में बात करते देखा हो। उसे नेशनल टीवी पर आसानी से तीन भाषाएँ बोलते हुए देखना हैरानी की बात थी।” अभिजीत के दयालु स्वभाव के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान बेघर आदिवासी परिवारों (लगभग 15 परिवार) की मदद करने की उसकी कोशिशों के बारे में भी बात की।

अनीता ने कहा, “उसने उन्हें हमारे पार्किंग एरिया में जगह दी और हमारे दिए गए राशन का इस्तेमाल करके उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम किया। वे कई दिनों तक हमारे पार्किंग एरिया में रहे। उसके पिता को चिंता थी कि हमारा बेटा हमारी बचत खत्म कर देगा, लेकिन अभिजीत का कहना था कि उन परिवारों की सेवा करना एक मानवीय कर्तव्य है। उसका स्वभाव हमेशा से दूसरों का ख्याल रखने वाला रहा है, जिसने उसे दिल्ली में सभी को एकजुट करने में मदद की।”

पढ़ने में तेज थे अभिजीत

अभिजीत पढ़ाई में बहुत अच्छा था; उसने सेंट अल्फोंसा स्कूल से 10वीं क्लास में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए और छत्रपति संभाजी नगर के एसबी कॉलेज में पढ़ाई की, लेकिन उसके परिवार को अफसोस है कि उन्होंने उसे इंजीनियरिंग करने के लिए मजबूर किया।

12वीं क्लास साइंस में 65 प्रतिशत अंक लाने के बाद, उसके माता-पिता ने जोर दिया कि वह इंजीनियरिंग करे, क्योंकि उसके पिता खुद एक सिविल इंजीनियर हैं। उसने पुणे के सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया, लेकिन वहाँ ढलने में उसे मुश्किल हुई और फाइनल एग्ज़ाम देने से पहले ही उसने पढ़ाई छोड़ दी। अनीता ने कहा, “हमें एहसास हुआ कि उसे इंजीनियरिंग के लिए मजबूर करना गलत फैसला था और हमने उसे उस फील्ड से बाहर निकलने की इजाजत दे दी।”

थप्पड़ मारे जाने पर अभिजीत की मां रो पड़ी

परिवार ने हाल के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अभिजीत पर हुए हमलों को लेकर भी चिंता जताई। उसकी माँ ने याद करते हुए कहा, “जब मुझे पता चला कि उसे थप्पड़ मारा गया और उस पर स्याही फेंकी गई, तो मैं रो पड़ी और मुझे चिंता हुई कि कहीं उसे गंभीर चोट तो नहीं आई। जब मैंने उससे बात की, तो उसने हमें चिंता न करने के लिए कहा और कहा कि अब वह देश का बेटा है।”

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नीट पेपर लीक के खिलाफ करीब 36 दिन चला कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 20 जुलाई को हिंसक हो गया था। दरअसल, उस दिन CJP ने संसद मार्च का आह्वान किया था जिसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसा देखने को मिली थी। फोर्सेस ने प्रदर्शनकारियों ने को कंट्रोल करने के लिए टियर गैस, वॉटर कैनन और कथित तौर पर पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया था जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल भी हुए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर इनकार किया था, लेकिन अब 20 जुलाई के हिंसक प्रदर्शन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें