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राजनीति में कौन सी नैतिकता होती है- बोले अर्णब के चैनल पर बोले PAK के कमर चीमा, एंकर का तंज- अगले 5 साल में आप भी माइक लेकर कंटेनर पर खड़े होंगे…

दरअसल ऐंकर ने चीमा से पूछा था कि पाक में इमरान के लिए सबसे बड़ा चैलेंज सामने आ रहा है। देश का वित्त मंत्री और इमरान का चहेता अब्दुल हफीज शेख चुनाव हार जाता है। यह पाक पीएम की व्यक्तिगत हार है।

Imran Khanपाकिस्तान के पीएम इमरान खान (फोटो सोर्सः ट्विटर@0rzRlDIkcUQb3W5)

रिपब्लिक टीवी पर डिबेट के दौरान पाकिस्तान के पत्रकार कमर चीमा ने कहा कि राजनीति में नैतिकता नाम की चीज नहीं होती है। पूरी दुनिया में पैसा चलता है। कहीं पर सीधे तो कहीं पर दूसरे रास्ते से। पैसा हर चीज को प्रभावित करता है। तब ऐंकर गौरव आर्या ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि अगले पांच साल में चीमा खुद भी रेड जोन में माइक लेकर कंटेनर पर खड़े होंगे।

दरअसल ऐंकर ने चीमा से पूछा था कि पाक में इमरान के लिए सबसे बड़ा चैलेंज सामने आ रहा है। देश का वित्त मंत्री और इमरान का चहेता अब्दुल हफीज शेख चुनाव हार जाता है। यह पाक पीएम की व्यक्तिगत हार है। ऐंकर का कहना था कि इमरान के लिए इससे निपटना उतना आसान नहीं होगा। ऐंकर का सवाल था कि भारत में जैसे पीएम नरेंद्र मोदी देश के एकमात्र लीडर हैं, वैसे पाक में कोई नहीं है। कभी लगता है कि पाक के सेना प्रमुख देश को चला रहे हैं तो कभी लगता है कि इमरान सर्वेसर्वा हैं।

कमर चीमा का कहना था कि जिन लोगों ने इमरान के खिलाफ वोट दिया है उन्होंने अपने हक का इस्तेमाल किया है। लोकतंत्र में सबसे अच्छी चीज मताधिकार का इस्तेमाल है। कमर चीमा ने डिबेट में माना कि पाक की राजनीति में फौज का दखल होता है। लेकिन फौज लोकतंत्र को मजबूत करने का काम करती है। उनका कहना है कि फौज का असर पाक में दिखाई भी देता है।

डिबेट में गुरमीत सिंह ने कहा कि भारत में फौज कभी भी चुनावी मामलों में दखल नहीं देती, लेकिन पाक में इसके उलट होता है। वहां की सेना पाक के हर मोर्चे पर अपनी उपस्थिति दिखाती है। गुरमीत का कहना था कि अब्दुल हफीज शेख की हार इमरान खान की हार है। पाकिस्तान आर्मी, सरकार और आईएसआई जिस तरह से देश को चला रहे हैं, उससे लोगों को गुस्सा है। उनका कहना था कि हार उतनी अहम नहीं है लेकिन जिस तरह से युसूफ रजा गिलानी से हार हुई, वह काफी अहम है।

बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव अब्दुल हफीज शेख नहीं बल्कि इमरान खान हारे हैं। उनका कहना है कि जब से पाक आर्मी चीफ को एक्सटेंशन दिया गया है तब से वहां की सेना के कई अफसर नाराज चल रहे हैं। उनका कहना था कि भारत में पिछले 40-45 सालों में कोई भी अफसर तीन साल के लिए सेना प्रमुख के पद पर नहीं रहा, लेकिन पाक में तीन साल का एक्सटेंशन दे दिया जाता है।

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