जब पूर्व भारत राष्ट्र समिति (BRS) सांसद और एमएलसी कल्वाकुंतला कविता ने शनिवार को हैदराबाद के पास एक कार्यक्रम में अपनी पार्टी की शुरुआत की, तो वह सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं से घिरी हुई थीं, जो सभी उनके सांस्कृतिक संगठन (तेलंगाना जागृति) का हिस्सा रहे थे। जिसकी स्थापना उन्होंने 2006 में की थी।

कविता के समर्थकों ने जब मेडचल मंडल के मुनिराबाद में विशाल मंच पर उनका स्वागत किया, तो ऐसा लगा मानो उन्होंने बीआरएस को कभी छोड़ा ही न हो। यह पार्टी उनके पिता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (जिन्हें केसीआर के नाम से जाना जाता है) ने 2001 में स्थापित की थी। कार्यक्रम का दृश्य परिचित सा लग रहा था माहौल, गीत, भाषण और यहां तक ​​कि भीड़ भी।

इसके बाद के कविता की नई पार्टी के नाम की घोषणा हुई। तेलंगाना राष्ट्र सेना (TRS), जो केसीआर की पार्टी के नाम से मिलता-जुलता है। भारत राष्ट्र समिति (BRS), जिसने 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर जाने का फैसला किया था, उसे तेलंगाना राष्ट्र समिति कहा जाता था।

राज्य के राजनीतिक हलकों में के कविता की पार्टी का नाम टीआरएस रखने के फैसले को केसीआर और उनके भाई तथा बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव उर्फ ​​केटीआर को चुनौती देने की उनकी चाल के रूप में देखा जा रहा है। कविता ने पिछले सितंबर में केटीआर से मतभेदों के कारण बीआरएस छोड़ दी थी, जिन्हें पार्टी अक्सर केसीआर के उत्तराधिकारी के रूप में पेश करती है। केटीआर खुद को तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने की केसीआर की विरासत का उत्तराधिकारी बता रहे हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि एक चतुर चाल चलते हुए के कविता ने अपनी पार्टी का नाम टीआरएस रखकर इस विरासत को पुनः प्राप्त करने की कोशिश की है। साथ ही यह भी जोड़ा कि इससे उन्हें आगामी चुनावों में बीआरएस के वोट बैंक में सेंध लगाने में मदद मिलेगी।

अपने संगठन का शुभारंभ करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए के. कविता ने टीआरएस को भाजपा, कांग्रेस और बीआरएस का विरोध करने वाली पार्टी के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक न्याय के विरुद्ध है। कांग्रेस सामाजिक न्याय दिलाने में विफल रही है और बीआरएस अपनी जड़ों को भूल चुकी है।

कविता ने कहा कि तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में सत्ता में काबिज कांग्रेस का एक ही एजेंडा है- राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना। उन्होंने कांग्रेस पर तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं की परवाह न करने का आरोप लगाया।

बीआरएस को निशाने पर लेते हुए के. कविता ने कहा कि अब बीआरएस को बस यही चाहिए कि केसीआर अपने फार्महाउस (अपने आवास) में ही रहें और केटीआर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का एक ही एजेंडा है- सामाजिक न्याय को खत्म करना।

केसीआर पर निशाना

हालांकि, अपने हमलों में कविता ने मुख्य रूप से केसीआर को निशाना बनाया और कहा कि वे पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने “दो केसीआर” के बीच अंतर बताया- एक वे जिन्होंने 2014 से पहले तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया था, और दूसरे वे जिन्होंने “सत्ता में आने के बाद अपना रास्ता खो दिया और तेलंगाना की जनता की अनदेखी की”। टीआरएस के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, “उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तेलंगाना की जनता के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाले केसीआर में मौलिक परिवर्तन आ गया है।”

कविता ने पूछा कि केसीआर आखिरी बार जनता के बीच कब नजर आए थे? उन्होंने पूछा, “वह तेलंगाना के लोगों के आंसू पोंछने के लिए कब बाहर निकले थे?” उनके समर्थकों की तालियों के बीच उन्होंने कहा, “सारू रारू (सर नहीं आएंगे)।”

इस साल फरवरी में के. कविता को तब राहत मिली जब दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों के साथ उन्हें भी रिहा कर दिया था। इस मामले में जमानत मिलने से पहले उन्होंने पांच महीने से ज्यादा समय जेल में बिताया था।

अगस्त 2024 में उन्हें जमानत मिली थी। इस पूरे घटनाक्रम ने केसीआर परिवार में दरार पैदा कर दी, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी। कविता ने केसीआर और केटीआर पर आरोप लगाया कि उन्होंने जेल में रहने के दौरान उनका साथ नहीं दिया। उनके अनुसार, यह मामला राजनीति से प्रेरित था।

कांग्रेस पर दबाव

कविता ने रेवंत रेड्डी सरकार के विभिन्न मोर्चों पर प्रदर्शन की भी कड़ी आलोचना की। हालांकि, कांग्रेस खेमे का दावा है कि उनकी नवगठित पार्टी मुख्य रूप से विपक्षी दल बीआरएस के वोट बैंक को ही नुकसान पहुंचाएगी। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “कविता बीआरएस के वोटों में सेंध लगाएंगी और इससे भाजपा को फायदा होगा। कांग्रेस अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में विश्वास रखती है और इस पारिवारिक ड्रामे में नहीं उलझेगी।”

कविता के सहयोगियों ने दावा किया कि आने वाले दिनों में बीआरएस के कई नेता उनसे जुड़ेंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा कि बीआरएस के कई असंतुष्ट नेता हैं। जिसमें पूर्व विधायक और सांसद हैं। वे सभी हमसे जुड़ेंगे।

नई पार्टी का रोडमैप

“जय तेलंगाना” के नारों के बीच, कविता ने अपनी पार्टी का पांच सूत्री एजेंडा जारी किया। उन्होंने कहा कि टीआरएस शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, आजीविका और लोगों के लिए सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित करेगी। पार्टी के एक नेता ने कहा कि इस एजेंडा को जारी करके कविता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तेलंगाना के लोगों के कल्याण में विश्वास रखती हैं और वह अपने पिता और भाई के प्रति द्वेषवश पार्टी नहीं बना रही हैं।

इस अवसर पर कविता ने पांच प्रतिज्ञाएं भी कीं- निजी स्कूलों में भी मुफ्त शिक्षा, पुरानी बीमारियों सहित किसी भी बीमारी का मुफ्त इलाज, किसानों का कल्याण, सत्ता में आने के एक साल के भीतर चार लाख नौकरियां और सामाजिक न्याय। एक टीआरएस नेता ने कहा कि ये वादे व्यावहारिक हैं और वर्षों तक जनता के लिए काम करने के बाद सामने आए हैं। हमें विश्वास है कि तेलंगाना की जनता हमारे विकास एजेंडे को स्वीकार करेगी।

क्या अपने पिता केसीआर की पार्टी BRS को टक्कर देंगी के. कविता? नई पार्टी TRS का किया गठन

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कल्वाकुंतला कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) लॉन्च की है। पूर्व बीआरएस सांसद और एमएलसी कलवाकुंतला कविता ने शनिवार सुबह अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना की शुरुआत की। इसके साथ ही कविता ने अपने पिता के नेतृत्व वाली ‘भारत राष्ट्र समिति’ (BRS) से अपना निर्णायक और अंतिम अलगाव कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर।