क्या है Zero Coupon Bonds और क्या इनमें निवेश है ठीक? जानिए

एक निवेशक जो बॉन्ड खरीदता है और मैच्युरिटी तक उसे रखता है उसे अंत में फेस वैल्यू मिलती है। फेस वैल्यू और भुगतान किए गए मूल्य के बीच का फर्क, उसके लिए रिटर्न साबित होता है।

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भारतीय करंसी। (file)

ज़ीरो कूपन बॉन्ड, जिन्हें व्यापारी ‘ज़ीरो’ भी कहते हैं, वे बॉन्ड हैं जो किसी भी कूपन का भुगतान नहीं करते हैं और इसलिए इन्हें ज़ीरो कूपन बॉन्ड के नाम से जाना जाता है। आपको हैरानी हो सकती है कि अगर कोई कूपन नहीं हैं, तो कोई निवेशक इनमें क्यों दिलचस्पी लेगा। इसका जवाब यह है कि ज़ीरो कूपन बॉन्ड फेस वैल्यू से डिसकाउंट पर जारी किए जाते हैं और हमेशा फेस वैल्यू से नीचे ही कारोबार करते हैं। दूसरे शब्दों में, ज़ीरो कूपन बॉन्ड हमेशा मैच्युरिटी से पहले डिसकाउंट पर कारोबार करते हैं और कभी भी प्रीमियम पर कारोबार नहीं कर सकते हैं।

मैच्युरिटी तक इंतजार करें : एक निवेशक जो बॉन्ड खरीदता है और मैच्युरिटी तक उसे रखता है उसे अंत में फेस वैल्यू मिलती है। फेस वैल्यू और भुगतान किए गए मूल्य के बीच का फर्क, उसके लिए रिटर्न साबित होता है। दूसरे शब्दों में, ज़ीरो कूपन बॉन्ड, धारक को मैच्युरिटी पर उस प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान करता है जो उसने निवेश किया था। प्रिंसिपल अमाउंट के साथ उसे उसका पूरा ब्याज भी मिलता है। यहां तक कि उसे ब्याज पर ब्याज भी मिलता है। इसलिए, प्लेन वेनिला बॉन्ड के विपरीत, धारक के लिए कोई पुनर्निवेश का जोखिम नहीं है।

ज़ीरो कूपन बॉन्ड में किसी निश्चित मैच्युरिटी पर सबसे ज्यादा कीमत भी मिल सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैच्युरिटी में सारा का सारा पुनर्भुगतान एक साथ कर दिया जाता है। नतीजतन निवेशक, जिन्हें बाजार में रेट में गिरावट की आशंका है, ऐसे बॉन्ड को पसंद करते हैं क्योंकि वे उम्मीद करते हैं कि अगर उनका अंदाजा सही है तो वे हाई कैपिटल हासिल कर सकते हैं। यदि चीजें स्थिर रहती है तो ज़ीरो कूपन बॉन्ड की कीमत समय बीतने के साथ बढ़ जाएगी। अगर ऐसा नहीं रहता है तो कैपिटल गेन ज्यादा होगा।

लंबी अवधि के निवेशक: ज़ीरो कूपन बॉन्ड में सिंगल कैश फ्लो होता है । नतीजतन इसकी वार्षिक दर या ब्याज की अर्ध-वार्षिक दर पर डिसकाउंट से इसकी कीमत लगाई जा सकती है। असल में बाजार अर्ध-वार्षिक दर का उपयोग करके ऐसे बॉन्ड की फेस वैल्यू को डिसकाउंट देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक निवेशक जो बॉन्ड में निवेश करने पर विचार कर रहा है, उसके पास कूपन भुगतान बॉन्ड और जीरो कूपन बॉन्ड के बीच का विकल्प रहता है।

लंबी अवधि के निवेशक जैसे पेंशन फंड और बीमा कंपनियां जीरो कूपन बॉन्ड को खरीदकर और मैच्युरिटी के लिए होल्ड करके, रिटर्न ऑफ रेट में लॉक कर सकते हैं। एक प्लेन वेनिला बॉन्ड को जीरो कूपन बॉन्ड के पोर्टफोलियो के रूप में माना जा सकता है, जो क्रमिक छह मासिक अंतराल पर मैच्यूर होता है।

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