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सलमान खान पर जोधपुर कोर्ट में आर्म्‍स एक्‍ट की इन धाराओं के तहत चला मुकदमा

अगर दोषी साबित होते तो 3-7 साल के लिए जेल भेजे जा सकते थे सलमान खान

बॉलीवुड स्टार सलमान खान।

अभिनेता सलमान खान आर्म्स एक्ट मामले में बरी हो चुके हैं। सलमान खान पर यह केस पिछले 18 सालों से चल रहा था। सलमान पर आरोप था कि उनकी बंदूक, राइफल का लाइसेंस खत्म हो चुका था। अवैध लाइसेंस रखने पर ही उनके ऊपर यह केस चल रहा था। आइए आपको बताते हैं कि आखिर सलमान खान पर किन-किन मामलों में मुकदमा चल रहा था और उन्हें क्या सजा हो सकती थी। बॉलिवुड के सुल्तान पर आर्म्स एक्ट के दो सेक्शंस-3/35 और 3/27 के तहत मामला चल रहा था। आर्म्स एक्ट के सेक्शन-3/25 के तहत उन पर बिना लाइसेंसी बंदूक या राइफल रखने को लेकर मामला चल रहा था और अगर इसके तहत उन्हें दोषी ठहराया जाता तो उन्हें 3 साल की कैद हो सकती थी। लेकिन वह हाई कोर्ट से तुरंत जमानत ले सकते थे। वहीं सेक्शन 3/27 के तहत सलमान पर बिना लाइसेंसी बंदूक या राइफल रखने के अलावा उसका दुरुपयोग करने का मामला भी चल रहा था। इसके तहत वह 7 साल के लिए जेल जा सकते थे। इसमें उन्हें तुरंत जेल जाना पड़ता और तुरंत जमानत की अपील करने का मौका भी नहीं मिलता।

साल 1998 में जब यह मामला दर्ज हुआ था तो सलमान खान के वकील ने दस्तावेज पेश कर दावा किया था कि उनके क्वलाइंट के पास वैध बंदूक थी। उस दौरान सलमान खान पर जोधपुर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में चिंकारा शिकार मामले में चार मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से तीन मामले चिंकारा शिकार के थे। जबकि चौथा मामला आर्म्स एक्ट का था।

हाई कोर्ट से तीन मामलों में सलमान को बरी किया जा चुका है और आज (18 जनवरी) को आर्म्स एक्ट मामले में भी उन्हें बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की दलील थी कि सलमान की बंदूक का लाइसेंस 22 सितंबर को खत्म हो गया था, लेकिन उनके वकीलों ने इस दावे को झूठा बताया था। इस मामले की मुख्य गवाह पूनम चंद को समन भेजकर कोर्ट में पेश होने को नहीं कहा गया है।

जानिए इस मामले में कब क्या हुआ
26-27 सितंबर 1998-भवाद गांव में दो चिंकारा की मौत।
28-29 सितंबर 1998– मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा का शिकार।
1 अक्टूबर 1998 की रात सलमान पर कांकाणी गांव की सरहद में दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा।
17 फरवरी 2006 -निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई।
10 अप्रैल, 2006 को इसी मामले में पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
2007 में करीब एक सप्ताह तक जेल में रहे थे।
सलमान ने दोषी ठहराए जाने के फैसले को सेशन्स कोर्ट में चुनौती दी थी। सेशन्स कोर्ट ने मथानिया के मामले में याचिका खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को हाई कोर्ट भेज दिया था।
16 नवंबर 2015 से 13 मई 2016 तक इन दोनों मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई चली।
जुलाई 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सलमान खान को बरी कर दिया था।
-हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में सलमान को बरी कर दिया। अब इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
9 जनवरी 2017– आर्म्स एक्ट मामले में दोनों पक्षों की जिरह पूरी हो गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने अभिनेता को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए अपने फैसला सुरक्षित रखा था।
18 जनवरी 2017 में कोर्ट ने सलमान को बरी किया।

सलमान खान को 18 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में जोधपुर कोर्ट ने किया बरी, देखें वीडियो ः

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