Ayushman Bharat Digital Mission का आगाजः जानें- कैसे बनेगा Health Card और आपको क्या और किस तरह मिलेगा लाभ?

Ayushman Bharat Digital Mission: पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ की शुरुआत की, जिसके जरिए हर नागरिक को स्वास्थ्य आईडी मिलेगी, जो उनके एक हेल्थ अकाउंट (स्वास्थ्य खाते) के रूप में भी काम करेगी।

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Ayushman Bharat Digital Mission: प्रधानमंत्री ने पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अभियान की पायलट परियोजना की घोषणा की थी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

Ayushman Bharat Digital Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (27 सितंबर, 2021) को ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ की शुरुआत की, इसके जरिए प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य आईडी प्रदान की जाएगी, जो उनके एक स्वास्थ्य खाते के रूप में भी काम करेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुबह 11 बजे कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा, यह मिशन के जरिए गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के इलाज में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में खासा मदद मिलेगी। पीएम ने यह भी दावा किया कि भारत जैसा प्लैटफॉर्म दुनिया में कहीं नहीं है।

पीएम ने कहा, “बीते सात वर्षों से, देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वह आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ में हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। भारत में लगभग 130 करोड़ आधार कार्ड धारक, 118 करोड़ मोबाइल ग्राहक, 43 करोड़ जन धन बैंक खाते हैं, दुनिया में कहीं भी इस प्रकार का एक दूसरे से जुड़ा हुआ बुनियादी ढांचा नहीं है। ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ विश्वसनीय आंकड़े प्रदान करेगा, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और उनके खर्च भी कम होंगे।”

दरअसल, पीएम मोदी ने बीते साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अभियान की पायलट परियोजना की घोषणा की थी। मौजूदा समय में इस योजना को छह केंद्र शासित प्रदेशों में प्रारंभिक चरण में लागू किया जा रहा है। एनडीएचएम की राष्ट्रव्यापी शुरूआत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तीसरी वर्षगांठ के साथ ही की जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित रहेंगे।

स्वास्थ्य संकटों के इस दौर में

जन धन, आधार और मोबाइल (जेएएम) ट्रिनिटी और सरकार की अन्य डिजिटल पहलों के रूप में तैयार बुनियादी ढांचे के आधार पर एनडीएचएम स्वास्थ्य संबंधी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, गोपनीयता और निजता को सुनिश्चित करते हुए एक विस्तृत श्रृंखला के प्रावधान के माध्यम से डेटा, सूचना और जानकारी का एक सहज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगा।

इससे बुनियादी ढांचा सेवाओं के साथ-साथ अंतर-प्रचालनीय और मानक-आधारित डिजिटल प्रणाली का विधिवत लाभ उठाया जा सकेगा। इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों की सहमति से स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और आदान-प्रदान को सक्षम बनाया जा सकेगा। एनडीएचएम के प्रमुख घटकों में प्रत्येक नागरिक के लिए एक स्वास्थ्य आईडी शामिल है, जो उनके स्वास्थ्य खाते के रूप में भी कार्य करेगी, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड को मोबाइल ऐप्लिकेशन की मदद से जोड़ा और देखा जा सकता है।

इसके तहत, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर) और हेल्थकेयर फैसिलिटीज रजिस्ट्रियां (एचएफआर), आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों दोनों ही मामलों में सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए एक संग्रह के रूप में कार्य करेंगी। यह चिकित्‍सकों के साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए व्यवसाय में भी आसानी को सुनिश्चित करेगा।

Health ID बनवाने का यह होगा तरीकाः राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अफसर आरएस शर्मा ने हेल्थ आईडी/कार्ड के बारे में हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ को बताया, “स्कीम का ऐलान होते ही गूगल प्ले स्टोर पर एनडीएचएम हेल्थ रिकॉर्ड आने लगेगा, जिसके जरिए पंजीकरण होगा और यूनीक आईडी 14 अंकों की रहेगी।” उनके मुताबिक, “जिन लोगों के मोबाइल नहीं है, वे पंजीकृत सरकारी-प्राइवेट अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर, वेलनेस सेंटर और कॉमन सर्विस सेंटर पर कार्ड बनवा पाएंगे। वहां बेसिक डिटेल्स देने के बाद यह आसानी से बन जाएगा।”

समझें, Health Card का क्या है लाभ: इस आईडी या कार्ड की वजह से हेल्ड का पूरा ब्यौरा/रिकॉर्ड एक तरह से डिजिटल मोड में रिकॉर्ड होता रहेगा। और सरल भाषा में कहें तो सारी मेडिकल हिस्ट्री मिलेगी। दूसरे शहर में इलाज कराने जाने की स्थिति में भी यूनीक हेल्थ कार्ड के जरिए आपकी मेडिकल हिस्ट्री को आसानी से खंगाला जा सकेगा, जिससे डॉक्टरों को केस समझने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि कार्ड बनने के बाद सभी रिपोर्ट्स यूजर को खुद स्कैन कर के अपलोड करनी होगी।

हर कोई नहीं एक्सेस कर पाएगा हेल्थ कार्ड का डेटाः हेल्थ कार्ड में मेडिकल रिकॉर्ड और दवा से जुड़ी सारी डिटेल्स होंगी। अच्छी बात यह है कि हर कोई इस हेल्थ आईडी/कार्ड को नहीं देख पाएगा। इसका डेटा एक्सेस करने के लिए ओटीपी बताना पड़ेगा। आप जब यह कोड (वन टाइम पासवर्ड) बताएंगे, तभी इसे देखा जा सकेगा। यह हेल्थ कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं होगा। यह स्वेच्छा पर निर्भर करेगा। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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