Mamata Banerjee Resignation Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों में बीजेपी की 207 सीटों के साथ प्रचंड जीत हुई। दूसरी ओर टीएमसी को महज 80 सीटें मिली हैं। ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका यह भी है कि वे भवानीपुर विधानसभा सीट से भी चुनाव हार गई। आम तौर पर चुनाव हारने के बाद सीएम इस्तीफा देते हैं, फिर जब तक जीते हुए दल का सीएम नहीं बनता है, तब तक के लिए उन्हें कार्यवाहक सीएम नियुक्त किया जाता है लेकिन ममता बनर्जी ने ऐलान कर दिया है, कि सीएम पद से इस्तीफा ही नहीं देंगी।

दरअसल, चुनाव नतीजों में मिली हार के एक दिन बाद मंगलवार को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आक्रामकता के साथ यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देने वाली हैं। अहम बात यह भी है कि तमिलनाडु और केरल में भी चुनाव नतीजे आए हैं। वहां एमके स्टालिन और पिनराई विजयन की पार्टियां हार गई हैं। इसके चलते दोनों ही नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया है, लेकिन ममता दीदी अड़ गई हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर दीदी इस्तीफा नहीं देंगी तो बंगाल में नई सरकार कैसे बनेगी? चलिए इसे समझते हैं।

ममता के इस्तीफा न देने पर क्या होगा?

ममता बनर्जी का सीएम के पद से इस्तीफे के लिए अड़ना एक ऐसा मुद्दा है, जिसे केवल संविधान से ही समझा जा सकता है। संविधान कहता है कि अगर कोई सीएम इस्तीफा नहीं देता है तो ऐसे में राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां होती हैं। स्पष्ट तौर पर राज्यपाल हारे हुए सीएम से इस्तीफा मांग सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर फिर भी कोई मुख्मयमंत्री इस्तीफा नहीं देता है, तो सीधे तौर राज्यपाल विधानसभा को ही भंग कर सकते हैं।

राज्यपाल के पास हैं अधिकार

ऐसे में राज्यपाल सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को उनके पद से बर्खास्त कर सकते हैं। अगर मुख्यमंत्री की तरफ से कोई कदम उठाया जाता है या फिर कोई बड़ा संकट खड़ा होता है तो ऐसे में राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं। राज्यों में संवैधानिक मशीनरी की विफलता के मामले में ऐसा होता है।, हालांकि पश्चिम बंगाल के मामले में चुनावी नतीजे आ चुके हैं और ऐसे में साफ हो चुका है कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी, इसलिए कोई संवैधानिक संकट की स्थिति बनती नजर नहीं आ रही है।

कैसे बनेगी बंगाल में नई सरकार?

संविधान के अनुच्छेद 164 राज्यपाल के पास राज्य में नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने और उसे शपथ दिलवाने का अधिकार होता है। चुनाव में हारने वाली सरकार और सीएम की बर्खास्तगी के बाद राज्यपाल जीते विधायकों के द्वारा चुने गए राज्यपाल विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री चुन सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार बन सकती है।

ऐसे में भले ही ममता बनर्जी सीएम पद से इस्तीफा न दें, फिर भी संविधान के तहत उनकी शक्तियां राज्यपाल अपने अधिकारों से एक झटके में खत्म कर सकते हैं, और राज्य में नए मुख्यमंत्री की सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। बता दें कि बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य में 9 मई को नए सीएम का शपथग्रहण होगा।

ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी बल्कि ‘हराई गई’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पूरे चुनाव में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई और इस पूरे घटनाक्रम में ‘मुख्य विलेन’ की तरह काम किया। उन्होंने कहा कि मैं हारी नहीं हूं और इस्तीफा नहीं दूंगी। पढ़िए पूरी खबर…