What Forces Got For Security Upgrade After Pathankot Terror Not 1 Paisa - पठानकोट हमले से अबतक बैस कैंप्स की सुरक्षा के लिए सरकार ने नहीं दिया एक भी रुपया, सेना को खर्चने पड़ रहे अपने पैसे - Jansatta
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पठानकोट हमले से अबतक बेस कैंप्स की सुरक्षा के लिए सरकार ने नहीं दिया एक भी रुपया, सेना को खर्चने पड़ रहे अपने पैसे

सैन्य ठिकानों की दीवारे और पोस्ट के साथ सेंसर्स, कैमरा, बैरियर, मेटल डिटेक्टर लगाने के लिए सेना ने आंतरिक फंड से 325 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स पीटीआई)

बीते साल जनवरी (2017) में हथियारों से लैस आतंकी अत्यधिक सुरक्षित पंजाब के पठानकोर्ट एयरफोर्स बेस में घुस आए। यहां आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की दी। इस दौरान सेना को आतंकियों में मार गिराने करीब 80 घंटे का समय लगा, साथ ही इस ऑपरेशन में सात लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। बाद में सुरक्षा से जुड़ी कई चूक सामने आईं। साथ ही जांच में पता चला कि देशभर में करीब 3000 बेस हैं जिनकी सुरक्षा को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार से करीब 2000 करोड़ रुपए की मांग की गई। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक सरकार ने इस मामले में एक रुपए की भी मंजूरी नहीं दी है। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इस बात से इंकार नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय सरकार इस जोर देने की कोशिश कर रहा है कि वास्तव में सेना को किस चीज की जरूरत है। इसकी जानकारी मिलने के बाद ही इस साल रक्षा बजट से सेना को फंड मुहैया करा दिया जाएगा।

वहीं पठानकोट आतंकी हमले के बाद लेफ्टिनेंट जनरल फिलिप कंपोस जांच कमेटी ने मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के जरिए देशभर के सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों की पहचान की गई। जहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता थी। बता दें कि थल सेना के तीन, वायु सेना के एक और नौसेना के एक सदस्य जांच कमेटी का हिस्सा थे। सेना के तीनों अंगों में अपनी रिपोर्ट में 2000 करोड़ रुपए की जरूरत बताई। जिसमें थलसेना ने एक हजार करोड़ रुपए तुरंत देनी की बात कही। मगर पठानकोट आतंकी हमले के 14 महीने गुजर जाने के बाद भी सरकार की तरफ से सेना को एक रुपिया नहीं दिया गया है।

खबरों के अनुसार सैन्य ठिकानों की दीवारे और पोस्ट के साथ सेंसर्स, कैमरा, बैरियर, मेटल डिटेक्टर लगाने के लिए सेना ने आंतरिक फंड से 325 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। बता दें कि पठानकोट हमला पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया था। इसके लिए संगठन प्रमुख मसूद अजहर, अजहर के भाई अब्दुल रऊ असगर और दो अन्य आतंकियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

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