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रामकृष्ण मिशन कॉलेज में नियुक्त मुस्लिम संस्कृत प्रोफेसर बोला- स्वामी जी कहते हैं धर्म से बड़ा मेरा ज्ञान

अली को बेलूर स्थित Ramakrishna Mission Vidyamandira में संस्कृत पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है। मंगलवार को रामकृष्ण कॉलेज में नियुक्त होने वाले अली इससे पहले नौ साल तक उत्तरी बंगाल के एक कॉलेज में पढ़ा चुके हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: November 22, 2019 9:10 PM
नियुक्ति के बाद शुक्रवार को मुस्लिम प्रोफेसर रमजान अली ने कहा कि अप्वॉइंटमेंट पर उसका छात्रों के साथ फैकल्टी सदस्यों ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया। (फाइल फोटोः vidyamandira.ac.in)

Banaras Hindu University (BHU) के संस्कृत विभाग में जहां मुस्लिम प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति पर बवाल मचा। वहीं, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में इसी अल्पसंख्यक समुदाय के प्रोफेसर को रामकृष्ण मिशन के कॉलेज में संस्कृत पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद शुक्रवार को मुस्लिम प्रोफेसर रमजान अली ने कहा कि अप्वॉइंटमेंट पर उसका छात्रों के साथ फैकल्टी सदस्यों ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, अली को बेलूर स्थित Ramakrishna Mission Vidyamandira में संस्कृत पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है। मंगलवार को रामकृष्ण कॉलेज में नियुक्त होने वाले अली इससे पहले नौ साल तक उत्तरी बंगाल के एक कॉलेज में पढ़ा चुके हैं।

एजेंसी को उन्होंने बताया, “प्रिंसिपल स्वामी शास्त्र राजनंद जी महाराज और बाकी सभी ने मेरा स्वागत किया। महाराज ने मुझसे कहा कि मेरी धार्मिक पहचान मायने नहीं रखती, बल्कि भाषा पर पकड़, गहरा ज्ञान और उसे छात्रों तक पहुंचाने की क्षमता सबसे जरूरी है।”

BHU विवाद पर पूछे जाने पर अली ने टिप्पणी नहीं की। पर ये जरूर कहा, “हमें नहीं भूलना चाहिए कि संस्कृत सभी भाषाओं की मां है। आप कैसे किसी को भी संस्कृत पढ़ाने या फिर पढ़ने से रोक सकते हैं?” बकौल अली, “मुझे संस्कृत शिक्षक के नाते भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। यहां बेलूर कॉलेज में प्रबंधन ने मेरे लिए व्यवस्थाएं की हैं, ताकि मुझे किसी प्रकार की दिक्कत न हो।”

BHU में खुला धर्म संकाय, प्रदर्शन खत्मः बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में मुस्लिम शिक्षक फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों ने शु्क्रवार को अपना धरना खत्म कर दिया। विवि ने इसके साथ ही संकाय फिर खोलने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि खान की नियुक्ति को लेकर जारी गतिरोध खत्म हो गया है। इसी बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा है कि वह छात्रों के विरोध से सहमत नहीं है।

एक बयान में आरएसएस नेता जय प्रकाश लाल ने कहा कि संगठन के नेताओं के साथ वाराणसी में एक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि बीएचयू छात्रों के एक हिस्से का विरोध गलत है। बीएचयू ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘‘काशी हिंदू विवि के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय को फिर खोल दिया गया है।’’ विरोध करने वाले छात्रों ने 15 वें दिन अपना धरना खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि धर्म विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष द्वारा जांच का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने धरना खत्म किया है।

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