तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने कहा है कि शनिवार रात को उनके काफिले पर जानलेवा हमला हुआ और वे इसमें बाल-बाल बच गए। उन्होंने कहा है कि उनके काफिले पर देसी बम फेंके गए। इस हमले में तृणमूल कांग्रेस के चार कार्यकर्ता घायल हो गए थे। पुलिस ने हिंसा के इस मामले में विपक्षी राजनीतिक दल इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

शौकत मोल्ला कैनिंग ईस्ट सीट से विधायक हैं। उन्होंने कहा कि आईएसएफ ने यह हमला जानबूझकर किया है लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।

आरोप है कि आईएसएफ समर्थकों ने भांगर के पोलरहाट नंबर 2 इलाके में टीएमसी की एक बैठक के दौरान वहां मौजूद लोगों पर हमला किया। भांगर सीट से आईएसएफ के नौशाद सिद्दीकी विधायक हैं।

आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।

क्या है यह पूरा मामला?

आरोप है कि टीएमसी की बैठक के दौरान आईएसएफ और भूमि संरक्षण समिति (जामी रक्षा समिति) के समर्थकों ने लाठियों और बांस के डंडों से अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें जिरांगाचा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि टीएमसी नेता खैरुल इस्लाम के वाहन में तोड़फोड़ की गई।

घटना के तुरंत बाद शौकत मोल्ला घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का दौरा किया और घायल टीएमसी कार्यकर्ताओं का हाल-चाल जाना।

शौकत मोल्ला ने कहा, “उन्होंने बत्तियाँ बंद करके खैरुल इस्लाम पर हमला किया। यह जानलेवा हमला था। हमले में कम से कम चार लोग घायल हुए… रात 10:30 बजे मैं एफआईआर दर्ज कराने पोलरहाट पुलिस स्टेशन गया। वापस लौटते समय पुलिस स्टेशन से जब मैं मात्र 500 मीटर दूर था, तभी बदमाशों ने बम फेंकना और गोलियां चलानी शुरू कर दी। हम वहां से भागने में कामयाब रहे लेकिन हमारी कार के पीछे वाली गाड़ी टूट गई। फिर हमने पुलिस को फोन किया।”

मोल्ला ने नौशाद सिद्दीकी पर हमला बोला और कहा कि इस विधायक को भांगर से कोई लगाव नहीं है। हालांकि, आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कहा, “सौकत मोल्ला ही इस इलाके में तनाव बनाए रखना चाहता है। पुलिस को हिंसा के असली दोषियों का पता लगाना होगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

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