पश्चिम बंगालः CM ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार को धमकी- मर्डर हो जाएगा, कोई नहीं बचा सकता जान

मई में बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो चुके बंदोपाध्याय इस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार हैं।

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अल्पन बंदोपाध्याय और ममता बनर्जी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंदोपाध्याय को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदोपाध्याय की पत्नी एवं कलकत्ता विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती को टाइप किया हुआ एक पत्र मिला, जिस पर गौरहरि मिश्रा के हस्ताक्षर है। पत्र लिखने वाले का कहना है कि वह शहर के राजाबाजार विज्ञान महाविद्यालय के रासायनिक प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यरत है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस पत्र पर 22 अक्टूबर की तिथि है, जिसमें लिखा गया है, ‘‘महोदया, आपके पति की हत्या कर दी जाएगी। आपके पति की जान कोई नहीं बचा सकता।’’ उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। मई में सेवानिवृत्त हो चुके बंदोपाध्याय इस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार हैं।

बंदोपाध्याय हमेशा से ही शांत मिजाज के रहे हैं। वह अधिक बोलने में यकीन नहीं रखते बल्कि चुप रहकर अपना काम करते रहते हैं। वह पश्चिम बंगाल कैडर से 1987 बैच के आईएएस अफसर रहे हैं। चीफ सेक्रेट्री के कार्यकाल के दौरान उन्हें रूल बुक के हिसाब से चलने के लिए भी जाना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र और मुख्यमंत्रियों की होने वाली कोरोना समीक्षा बैठकों के दौरान बंदोपाध्याय ही केंद्र और टीएमसी सरकार के बीच पुल का काम करते थे। वह एक अच्छे वक्ता के तौर पर जाने जाते हैं। शायद यही वजह है कि सियासत में अधिकतर जगह उनका सम्मान होता रहा है।

रोचक बात है कि सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली जिस टीएमसी सरकार की राज्यपाल जगदीप धनखड़ से वैचारिक खटपट चलती रहती है, उनसे भी बंदोपाध्याय के अच्छे निजी संबंध रहे हैं। कोरोना के खिलाफ बंगाल की जंग में बंदोपाध्याय सरकार की ओर से अहम पहरुआ रहे हैं।

कम ही लोग उनकी निजी जिंदगी के बारे में जानते हैं। उनका जन्म 1961 में हुआ था, जबकि उन्होंने नरेंद्रपुर रामकृष्ण मिशन से अपनी स्कूल की पढ़ाई की है। वह पढ़ने में अच्छे थे। अंतिम परीक्षा में उन्होंने तीसरी रैंक हासिल की थी।

वह जब 11वीं कक्षा में थे, तभी उन्होंने आईएएस अफसर बनने का सपना देख लिया था। उनके दोस्तों ने इंजीनियरिंग करने के लिए साइंस स्ट्रीम ले ली थी, पर उन्होंने ह्यूमैनिटीज (कला) की राह चुनी। वह प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी से भी पढ़े हैं, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रैजुएशन किया था। बाद में उन्होंने कलकत्ता विवि से मास्टर्स पूरा किया।

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