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अब पश्चिम बंगाल के नदिया में मिला BJP कार्यकर्ता का शव, पार्टी बोली- सियासी गुंडों ने उतारा मौत के घाट

बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने ट्वीट किया, "कभी लोग रविवार की सुबह टीवी पर रामायण और महाभारत देखने का इंतजार करते थे लेकिन अब बंगाल में लोगों को हर दिन किसी न किसी राजनीतिक कर्मी की हत्या की खबर मिलती है।"

France Church Attack, France Attack, Church Attack, Lyonतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

जम्मू और कश्मीर में BJP के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद अब पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में पार्टी वर्कर का शव मिला है। विजय शील 34 साल के थे, जिनकी लाश पेड़ से लटकी मिली। बंगाल भाजपा ने इस बाबत अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल से दो तस्वीरें साझा कीं और विजय शील के बारे में बताया।

BJP Bengal की ओर से लिखा गया, “विजय सिर्फ 34 साल के थे और पार्टी के सक्रिय कार्तकर्ता थे। उनकी हत्या कर दी गई और नदिया में उनकी लाश मिली। गुंडों द्वारा हर बार इसी तरीके से घटना (बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत) को अंजाम दिया जाता है। क्या बीजेपी को काम करने से रोकने के लिए आंतक का इस्तेमाल किया जा रहा है? हम रुकने नहीं वाले हैं और बीजेपी यह सुनिश्चित कराएगी कि मारे गए सभी कार्यकर्ताओं के परिजन को न्याय मिले! ये राजनीतिक हत्याएं रुकनी चाहिए।”

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी ट्वीट कर दुख जताया और कहा कि इस तरह की हत्या की मैं कड़ी निंदा करता हूं। बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने ट्वीट किया, “कभी लोग रविवार की सुबह टीवी पर रामायण और महाभारत देखने का इंतजार करते थे लेकिन अब बंगाल में लोगों को हर दिन किसी न किसी राजनीतिक कर्मी की हत्या की खबर मिलती है। नदिया जिले में बीजेपी कार्यकर्ता विजय की हत्या कर उसे लटका दिया गया।”

‘लोग ममता सरकार के केंद्र संग टकराव की कीमत चुका रहे’: बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि राज्य के लोग केंद्र और तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच ‘एक ऐसी लड़ाई की कीमत अदा कर रहे हैं जिसे टाला जा सकता है।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास के दो पहिये हैं और लोगों की मदद के लिए ‘सहयोगात्मक संघवाद और संयुक्त कार्रवाई’ के साथ काम किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य ढांचे की पोल खोल दी है। अगर सरकार आयुष्मान भारत योजना को अंगीकार करती तो अच्छा होता। …दुर्भाग्यवाश, राज्य के लोग दूरदर्शिता की कमी और टाले जा सकने वाले टकराव की कीमत चुका रहे हैं।’’ राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार ने देश में प्रत्येक किसान के खाते में सीधे 12,000 रुपये की राशि भेजी, लेकिन राज्य के लोग इस लाभ से वंचित रहे। पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनने के बाद से ही धनखड़ का राज्य सरकार के साथ टकराव जारी है।

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