पश्चिम बंगाल की सत्ता से टीएमसी बाहर हो गई है और उसके बाद से पार्टी में भगदड़ मची हुई है। पहले विधायकों में टूट हुई और अब टीएमसी के आधे से अधिक सांसद बगावत के रास्ते पर हैं। टीएमसी के लोकसभा में 28 सांसद हैं। सांसद काकोली घोष ने बगावत की शुरुआत की है और उन्होंने दावा किया है कि हमारे साथ 20 सांसद हैं, जो एनडीए के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। 14 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और इसके बाद से पूरी पार्टी में हलचल मची हुई है। पार्टी दो धड़ों में बंट गई है और तीसरा गुट भी है, जिनकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
बड़ा सवाल उठता है कि कौन ममता के साथ और कौन ममता बनर्जी के खिलाफ है?
बागी सांसदों का नेतृत्व करने वाली काकोली घोष का दावा है कि उनके साथ 20 सांसद हैं। हालांकि 14 सांसदों की फोटो भूपेंद्र यादव से मुलाकात के दौरान सामने आई थी। माना जा रहा है यह सभी 14 सांसद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ हो चुके हैं और पार्टी से बगावत कर दी है।
टीएमसी के बागी सांसद
- काकोली घोष
- शताब्दी रॉय
- बापी हलदर
- अरूप चक्रवर्ती
- जून मालिया
- दीपक अधिकारी
- कालीपदा सरेन
- जगदीश बसुनिया
- असीत मल
- अबू ताहिर खान
- खलीकुर रहमान
- शर्मिला सरकार
- प्रसून बनर्जी
- पार्थ भौमिक
ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े सांसद
- अभिषेक बनर्जी
- सायोनी घोष
- कीर्ति झा आजाद
- महुआ मोइत्रा
- सौगात रॉय
- सुदीप बंदोपाध्याय
- कल्याण बनर्जी
- सजदा अहमद
सांसद जिनकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
- प्रतिमा मंडल
- रचना बनर्जी
- माला रॉय
- मिताली बेग
- शत्रुघ्न सिन्हा
- यूसुफ पठान
महुआ ने यूसुफ पर साधा निशाना
माना जा रहा है यूसुफ पठान भी बागी सांसदों के साथ हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूसुफ पठान पर निशाना साधा है। महुआ ने कहा कि यूसुफ, गृह मंत्री अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली गए थे। हालांकि यूसुफ पठान ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
बागी सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष कर रही हैं। काकोली घोष ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की मौजूदा स्थिति और आंतरिक मुद्दों को लेकर वह अलग हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा सिर कट जाएगा लेकिन झुकेगा नहीं। टीएमसी के बागी सांसदों की फोटो भी सामने आई। भूपेंद्र यादव के साथ टीएमसी सांसदों की मुलाकात के दौरान बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। बता दें कि टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने भी सांसदी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे।
टीएमसी ने बागी सांसदों को बताया गद्दार
टीएमसी सांसदों में बगावत की खबरों के बीच सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। टीएमसी ने बागी सांसदों को गद्दार करार दिया। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि बागी सांसद सत्ता के बिना नहीं रह सकते, उनको बंगला, गाड़ी और सुरक्षा चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर्ति आजाद ने कहा, “हमारे 29 नेता ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर जीते और सांसद बने। मैं इन गद्दारों से जानना चाहता हूं कि चुनाव के बाद आपने अपनी मुश्किलों के बारे में क्यों बात की, पहले क्यों नहीं? सुखेन्दु शेखर रॉय में कम से कम इतनी राजनीतिक नैतिकता तो थी कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। अगर आप में भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफा दे दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।”
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के साथ मुख्यमंत्री, ईडी, सीबीआई और पूरे देश की ताकत है लेकिन मेरे साथ मां, माटी, मानुष है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि मेरे साथ मेरे कार्यकर्ता हैं, मेरी जानता है और मेरी पार्टी है। कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कहा था सभी पदों से इस्तीफा दे रही हैं लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया है तो वह चीफ व्हिप कैसे हो सकती हैं? कल्याण बनर्जी ने कहा कि काकोली, जो कर रही हैं, वह पार्टी विरोधी गतिविधि है और यह सब पीएम मोदी और भाजपा नेताओं के इशारे पर हो रहा है।
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राजनीति में कहा जाता है कि वक्त बहुत ताकतवर होता है, जब आपका वक्त अच्छा होता है तो नेता, भीड़, कार्यकर्ता आपके साथ होते हैं लेकिन जब वक्त कमजोर होता है तो आप अकेले होने लगते हैं। ऐसा ही कुछ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी के साथ हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…
