पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और शपथ ग्रहण की तारीख भी तय हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया है कि राज्य के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा।” बीजेपी अध्यक्ष ने बताया कि 9 मई को रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती है।

बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किसे मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपती है। पार्टी नेतृत्व और विधायकों के बीच बैठकों का दौर जारी है जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा।

समिक भट्टाचार्य ने बंगाल में तोड़फोड़ की घटनाओं पर कहा, ”कुछ जगहों पर लोगों ने बीजेपी का झंडा लेकर तोड़फोड़ की। हम इसकी निंदा करते हैं। हम साफ करना चाहते हैं कि अगर कोई ऐसा करता है तो हमें उसे पार्टी से बाहर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। पश्चिम बंगाल को लेकर पूरे देश में जश्न मनाया गया। अब हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौतियां हैं। हम उनके साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम अपने कार्यकर्ताओं से कहना चाहते हैं कि शांत रहें और किसी की भावनाओं को आहत न करें।”

रवींद्रनाथ टैगौर की जयंती बंगाल में 9 मई को

रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में देवेंद्रनाथ टैगोर और शारदा देवी के घर हुआ था।

पश्चिम बंगाल में रबींद्र जयंती आमतौर पर बंगाली कैलेंडर के अनुसार, बैशाख महीने के 25वें दिन मनाई जाती है। इसलिए इस साल पश्चिम बंगाल में रवींद्र जयंती 9 मई को मनाई जाएगी। हालांकि, भारत के अन्य हिस्सों में लोग रवींद्रनाथ टैगोरी की जयंती 7 मई को मनाएंगे।

रबींद्र जयंती को कोलकाता में पोचिशे बोइशाख (Pochishe Boishakh) के नाम से भी जाना जाता है। पोचिशे बोइशाख (Pochishe Boishakh) बंगाली कैलेंडर के पहले महीने ‘बोइशाख’ (बैशाख) का 25वां दिन होता है।

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पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सपना आखिरकार पूरा होने जा रहा है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है और वह अपने दम पर बहुमत (148) से कहीं ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब होती दिख रही है। वैसे तो पार्टी की जीत के लिए कई वजहों को गिनाया जा रहा है लेकिन पांच ऐसे बड़े कारण हैं जिनके चलते वह टीएमसी को पश्चिम बंगाल की सत्ता से हटा सकी है। पढ़ें पूरी खबर…