पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को हावड़ा के नाबन्ना में अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग की, जिसमें उन्होंने छह बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। शुभेंदु कैबिनेट में अभी तक केवल पाँच मंत्री शामिल हैं जिन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री के साथ ही पद की शपथ ली थी। कैबिनेट बैठक में सीएम शुभेंदु के अलावा मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, निशिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल थे।

शुभेंदु कैबिनेट ने बीएसएफ को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देना उनके प्रमुख प्रस्तावों में से एक था। उन्होंने पहले फैसले में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन मुहैया कराने के लिए हामी दी है। लैंड डिपार्टमेंट आज से जमीन का ट्रांसफर शुरू कर देगा और यह 45 दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा।

शुभेंदु कैबिनेट की पहली बैठक के 6 बड़े फैसले-

  1. बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन दी जाएगी: शुभेंदु अधिकारी एवं अन्य मंत्रियों ने पहली कैबिनेट बैठक में बांग्लादेश सीमा से करीब के इलाके में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बाड़ लगाने के जमीन देने की प्रक्रिया 45 दिन में पूरी कर दी जाएगी।
  2. आयुष्मान भारत योजना पश्चिम बंगाल में लागू: केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को तत्काल प्रभाव से पश्चिम बंगाल में लागू किया जा रहा है। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को लागू करने का वादा किया था।
  3. केंद्र सरकार की योजनाओं पर अमल: शुभेंदु अधिकारी सरकार ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया।
  4. भारतीय दंड संहिता (BNS) पश्चिम बंगाल में लागू: पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार से पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) को त्याग कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू करने का निर्णय लिया है। साथ ही केंद्र सरकार के 16 जून 2025 के जनगणना निर्देश को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया।
  5. नौकरी की आयु सीमा में बढ़ोतरी: पश्चिम बंगाल सरकार की सभी नौकरियों में ऊपरी आयु सीमा में पाँच साल की बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है।
  6. लोकतंत्र के लिए प्राण देने वालों को न्याय: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के उन कार्यकर्ताओं के परिजनों को न्याय दिलाने का वादा किया है जो लोकतंत्र के लिए लड़ते हुए मारे गये। सीएम शुभेंदु ने कहा है कि 321 मृत कार्यकर्ताओं के परिजनों यदि चाहेंगे तो उन हत्याओं की जाँच की जाएगी। सीएम शुभेंदु ने मृतकों के परिजनों की देखभाल करने का भी वादा किया है।

शुभेंदु सरकार का पहला फैसला

शुभेंदु ने कहा, “आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में, हमने BSF को जमीन ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। विभाग के पास अभी मौजूद जमीन को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। अगले 45 दिनों के भीतर इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। एक बार यह काम पूरा हो जाने पर, BSF सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी, और अवैध घुसपैठ की मौजूदा समस्या का समाधान बहुत कम समय में हो जाएगा।”

शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि ममता बनर्जी सरकार में राज्य के कर्मचारियों पर केंद्र सरकार की प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पर लगी अलिखित रोक को हटा दिया गया है।

शुभेंदु कैबिनेट के बड़े फैसले

  • BSF को जमीन ट्रांसफर करने का फैसला लिया है, जो 45 दिन में पूरा हो जाएगा।
  • बंगाल में ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू होगी। ‘जन आरोग्य योजना’ और प्रधानमंत्री की अन्य योजनाएँ भी यहाँ लागू की जाएँगी। इसमें PM जन आरोग्य, PM किसान बीमा, PM श्री, विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला समेत सभी केंद्रीय योजनाओं में राज्य को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
  • राज्य को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानून को लागू किया जाएगा। ममता ने पुराने आईपीसी और सीआरपीसी कानून को ही लागू कर रखा था। साथ ही शुभेंदु सरकार ने प्रशासनिक सुधार के लिए फैसला लिया कि IAS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
  • इधर युवाओं को सरकार ने तोहफा देते हुए सरकारी नौकरी की अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाई है।
  • साथ ही जनगणना के मद्देनजर गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के जनगणना निर्देश को तुरंत लागू किया गया। ममता बनर्जी सरकार ने इसे रोक रखा था।
  • मुख्यमंत्री ने सभी का आभार व्यक्त किया
  • मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सभी मतदाताओं, चुनाव आयोग (EC), केंद्रीय बलों, पुलिस, पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ। हमारे संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की जान चली गई, उनके संबंध में: यदि उनके परिवार चाहें, तो सरकार एक जाँच शुरू करेगी।”

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