West Bengal Elections News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सूबे की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया है। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्या बोस और तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद की उपस्थिति में टीएमसी जॉइन की।
भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के तीन साल बाद चंद्र कुमार बोस ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं दोबारा वही गलती नहीं दोहराना चाहता था, इसलिए मैंने समय लिया, राजनीतिक दलों का बारीकी से अध्ययन किया और पाया कि तृणमूल कांग्रेस समावेशी धर्मनिरपेक्ष राजनीति का पालन करती है। मेरी विचारधारा समावेशी और धर्मनिरपेक्ष है। जब मैं भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ, तो मुझे यह समझाया गया कि मैं उस पार्टी में काम कर सकता हूं जो शरत चंद्र बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस दोनों की समावेशी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को बढ़ावा देती है।”
मेरी विचारधारा संविधान के अनुसार है- चंद्र कुमार बोस
चंद्र कुमार बोस ने आगे लिखा, “संविधान के अनुसार, भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य है। इसलिए मेरा काम भारत के संविधान पर आधारित है। लेकिन व्यवहार में ऐसा लगता है कि बीजेपी ने केंद्र में सरकार बनाई है, उन्होंने भारत के संविधान के तहत शपथ ली है। लेकिन व्यवहार में वे भारत के संविधान का विरोध करते हैं और वे हमारे राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी ताने-बाने का विरोध करते हैं। इसलिए कोई भी ऐसे संगठन के साथ काम नहीं कर सकता जो राजनीतिक गतिविधियों में धर्म का इस्तेमाल करके विभाजनकारी वोट बैंक की राजनीति कर रहा हो। मेरी विचारधारा भारत के संविधान के अनुसार है।”
बोस ने पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत के प्रति पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “बंगाल में राज्य चुनाव हो रहे हैं। टीएमसी निश्चित रूप से विजयी होगी। टीएमसी पर राष्ट्र को एकजुट करने की कहीं अधिक बड़ी जिम्मेदारी है। सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को ‘भारतीय’ होने की अवधारणा को लागू करने के लिए एकजुट होना चाहिए, तभी हम जीवित रह पाएंगे। मैं ज्योतिषी नहीं हूं, लेकिन निश्चित रूप से ममता बनर्जी विजयी होंगी।”
चंद्र कुमार बोस ने बीजेपी से दिया था इस्तीफा
बता दें कि चंद्र कुमार बोस ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए सितंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि चुनाव से ठीक पहले चंद्र बोस जैसे व्यक्तित्व का तृणमूल कांग्रेस में शामिल होना सत्ताधारी खेमे को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेगा।
इन 4 सीटों पर पिछली बार चला था एकतरफा खेल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम ममता बनर्जी से लेकर तमाम बड़े नेता चुनाव के लिए ज़ोरशोर से प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। पिछले चुनाव में कीर्तिमान बनाने वाली चार विधानसभा सीटों पर इस बार के चुनाव में बड़ी टक्कर है। इन सीटों पर पहले चरण में ही चुनाव है। इन सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों ने सबसे अधिक मतों से जीतने का रिकार्ड अपने नाम किया था। पढ़ें पूरी खबर…
