West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी चुनावों के दौरान कभी झूठे वादे नहीं करती। उन्होंने यह तंज भारतीय जनता पार्टी पर कसा था। बीजेपी ने हाल ही में अपने घोषणापत्र में ऐलान किया था कि अगर उसकी सरकार बनी, तो वह ‘अन्नपूर्णा भंडार’ नाम की एक योजना के तहत बंगाल की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये देगी। इस योजना को बड़े पैमाने पर बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की काट के तौर पर देखा जा रहा है।

सूरी में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम बनर्जी ने कहा, “पिछले चुनाव में मैंने कहा था कि मैं ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना शुरू करूंगी। मैंने 500 रुपये से इसकी शुरुआत की। क्योंकि हम वोटों के लिए कभी झूठे वादे नहीं करते। बिहार में, चुनावों से पहले उन्होंने 8000 रुपये दिए और बाद में उन्हें वापस ले लिया। मैं इसके वीडियो दिखा सकती हूं। वे कहते हैं कि वे 3000 रुपये देंगे। क्या उन्होंने कभी 1000 रुपये भी दिए हैं।”

ममता बनर्जी ने वोटरों को किया आगाह

सीएम बनर्जी ने मतदाताओं को बीजेपी से पैसे लेने के खिलाफ भी आगाह किया। सीएम ने कहा, “बीजेपी से बिल्कुल भी पैसे मत लेना। यह गलती कभी मत करना। मेरा काम आपको आगाह करना है। पहले आप एक खाता खोलेंगे और वे उसमें पैसे जमा करेंगे। फिर आप देखेंगे कि वह काला धन है। उसके बाद ईडी और सीबीआई आप पर केस दर्ज कर देंगी।”

क्या बीजेपी रोजगार देगी- तृणमूल कांग्रेस प्रमुख

रोजगार के सवाल पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “क्या BJP रोजगार देगी? उन्होंने रेलवे गैंगमैन के पद खत्म कर दिए हैं। सेना में खाली पद अभी भी भरे नहीं गए हैं और फिर भी वे भर्ती की बातें करते हैं। मोदी बाबू से पूछो – उन दो करोड़ नौकरियों का क्या हुआ? 12 साल बीत चुके हैं। वे नौकरियां कहां गईं और जब भी हम खाली पदों को भरने की कोशिश करते हैं, तो वे उन्हें रोकने के लिए अदालत में केस दायर कर देते हैं। अब वे रोजगार की बातें कर रहे हैं। बंगाल के लोगों के साथ ऐसी चालें मत चलो।”

उन्होंने अपने समर्थकों से एक जोशीली अपील के साथ अपनी बात खत्म की, “चुनाव के दिन, अगर मैं एक योद्धा हूं, तो क्या आप मेरे साथी बनेंगे।” मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा, “मोदीजी कहते हैं कि वे 294 सीटों के लिए उम्मीदवार हैं। ठीक है, तो फिर प्रधानमंत्री का पद छोड़ दें। लोगों से कहें कि आप बंगाल के मुख्यमंत्री बनेंगे। इसकी पुष्टि करें, क्या आप देश के प्रधानमंत्री बनेंगे या बंगाल के मुख्यमंत्री? आप बंगाल में बाहरी हैं। पहले दिल्ली को संभालें। उसके बाद, बंगाल के बारे में सोचें।”

एसआईआर और एनआरसी को लेकर ममता बनर्जी ने बोला हमला

मुख्यमंत्री ने एसआईआर और एनआरसी को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी वोटों को बांटकर और बंगाल के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाकर सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बीजेपी पर उसकी कथित विभाजनकारी धार्मिक राजनीति को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “उनके लिए धर्म का मतलब है एक जहरीला पेड़, लोगों के सिर पर जहर उड़ेलना ही उनका धर्म है। मेरा धर्म मानवता है।”

बनर्जी ने बीजेपी की चार्जशीट को उसी पार्टी के खिलाफ मोड़ दिया और कोयला क्षेत्र और हल्दिया बंदरगाह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “क्या आप तृणमूल के खिलाफ चार्जशीट दे रहे हैं? आपके नेता कोयले से कितना पैसा कमाते हैं? कितना पैसा दिल्ली जाता है? मैं शिष्टाचार के नाते इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगी। एक इशारा ही काफी है।”

बंगाल की आलू राजनीति

साल 2006 में ममता बनर्जी ने निर्णायक कदम उठाया जिससे उनकी साख तेजी से बढ़ी और वह सत्ता के शिखर पर पहुंच गईं। जब लेफ्ट सरकार ने हुगली जिले से सिंगूर में टाटा मोटर्स के नैनो प्लांट लगाने के लिए राज्य के आलू-उत्पादक क्षेत्र में 1000 एकड़ उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया, तब ममता ने इसके विरोध में एक जमीन-अधिग्रहण विरोधी आंदोलन शुरू किया, तब ममता बनर्जी ने इसका पुरजोर विरोध किया और जमीन-अधिग्रहण विरोधी आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन ने बंगाल की राजनीति की दिशा ही बदल दी और लेफ्ट फ्रंट के 34 साल पुराने वर्चस्व के अंत की कथा लिख दी। पढ़ें पूरी खबर…