कूचबिहार कांडः खफा CM धरने पर; BJP नेता राहुल सिन्हा पर 48 घंटे का बैन, दिलीप घोष को EC का नोटिस

राहुल के खिलाफ टीएमसी नेताओं ने आयोग से शिकायत की थी। आयोग ने जांच में पाया कि राहुल का बयान पूरी तरह से आपत्तिजनक और भड़काऊ है। इसमें सेंट्रल फोर्सेज को उकसाने की कोशिश की गई। इसके बाद आयोग ने बीजेपी नेता पर एक्शन लिया।

West Bengal Election 2021, BJP leader Rahul Sinha, banned for 48 hours, Election Commission, Mamata banerjeeबाएं से-बंगाल बीजेपी चीफ दिलीफ घोष, बीच में सीएम ममता बनर्जी और बीजेपी नेता राहुल सिन्हा (फोटो सोर्सः (फोटोः एक्सप्रेस आर्काइव/पीटीआई)

कूच बिहार मामले में बंगाल की राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ सीएम ममता बनर्जी धरने पर जा बैठी हैं तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने विवादित बयान पर बीजेपी नेता राहुल सिन्हा पर 48 घंटे का बैन लगा दिया है। इसी मामले में बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष को भी नोटिस दिया गया है। आयोग ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को उनके 29 मार्च को दिए गए भाषण के लिए चेतावनी दी है। उन्हें सलाह दी गई है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह के बयान देने से बचें।

दिलीप घोष, सुवेंदु अधिकारी और राहुल के खिलाफ टीएमसी नेताओं ने आयोग से शिकायत की थी। आयोग ने जांच में पाया कि राहुल का बयान पूरी तरह से आपत्तिजनक और भड़काऊ है। इसमें सेंट्रल फोर्सेज को उकसाने की कोशिश की गई। इसके बाद आयोग ने बीजेपी नेता पर एक्शन लिया। निर्वाचन आयोग ने दिलीप घोष के उस कथित बयान पर उन्हें नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कई स्थानों पर सीतलकूची जैसी घटना की पुनरावृत्ति होगी।

राहुल सिन्हा ने कहा था कि सेंट्रल फोर्सेज को शोकॉज जारी करना चाहिए कि उन्होंने कूच बिहार में 4 के बजाए 8 लोगों को क्यों नहीं मारा। राहुल के मुताबिक, टीएमसी के गुंडे लोगों को वोट डालने से रोक रहे थे। इसी वजह से कार्रवाई हुई। उनसे पहले बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी इस मामले में बेतुके बोल बोले थे। उनका कहना था कि बैड ब्वॉय नहीं सुधरे तो इस तरह की घटनाएं फिर से होती रहेंगी। तृणमूल के नेताओं ने दोनों बयानों के खिलाफ चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई थी। कूच बिहार में 10 अप्रैल को CISF की गोली से 4 लोग मारे गए थे।

बंगाल की राजनीति इस समय पूरे उफान पर है। सोमवार शाम सीएम ममता बनर्जी पर 24 घंटे का बैन आयोग ने लगाया था। उसके बाद से माहौल काफी सरगर्म है। तृणमूल के नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। उनका तर्क है कि एक तरफ बीजेपी के नेता लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन आयोग कोई एक्शन लेने से गुरेज कर रहा है। वहीं ममता के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। चुनाव प्रचार पर 24 घंटे के लिए पाबंदी लगाए जाने के निर्वाचन आयोग के फैसले की आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह आयोग के असंवैधानिक फैसले के खिलाफ मंगलवार को कोलकाता में धरना देंगी। आज ममता समेत टीएमसी के तमाम नेता कोलकाता में धरने पर बैठे हैं।

उधर, शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 24 घंटे तक प्रचार मुहिम से रोकने का निर्णय भाजपा के कहने पर लिया है। राउत ने ट्वीट किया कि यह देश की स्वतंत्र संस्थाओं की सम्प्रभुता और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता ने बनर्जी के साथ एकजुटता जताते हुए उन्हें बंगाल की शेरनी करार दिया। ध्यान रहे कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं।

राउत ने ट्वीट किया, EC ने ममता दीदी पर 24 घंटे के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह स्पष्ट रूप से भारत में सत्तारूढ़ पार्टी के कहने पर किया गया। यह भारत में स्वतंत्र संस्थानों की सम्प्रभुता और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। मैं बंगाल की शेरनी के प्रति एकजुटता व्यक्त करता हूं। शिवसेना इस चुनाव में नहीं लड़ रही है, लेकिन उसने बनर्जी को अपना समर्थन दिया है।

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