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West Bengal Election Results: लेफ्ट का मुस्लिम वोट 18 फीसदी गिरा, बीजेपी का 5 फीसदी बढ़ा

पश्चिम बंगाल में 65 सीटें ऐसी हैं, जहां पर मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 2011विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 8 सीटें ज्‍यादा मिली हैं।

पश्चिम बंगाल में करीब 27 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। जम्‍मू-कश्‍मीर और असम के बाद मुस्लिम आबादी के मामले में दीदी का यह गढ़ तीसरे नंबर पर आता है। आइए जानते हैं पश्चिम बंगाल में 2016 विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मुस्लिमों के कितने प्रतिशत वोट प्राप्‍त हुए।

– पश्चिम बंगाल में 65 सीटें ऐसी हैं, जहां पर मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव है।

– 2011 विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मुस्लिम बहुल इलाकों में 30 सीटों पर विजय प्राप्‍त हुई थी। टीएमसी को 29.3 प्रतिशत वोट मिले थे।

-2016 विधानसभा चुनाव में टीएमसी पर मुस्लिम मतदाताओं का विश्‍वास और बढ़ा। इस बार पार्टी को मुस्लिम बहुल इलाकों में 38 सीटें पर जीत हासिल हुई। इन विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी 41 प्रतिशत मुस्लिम वोट हासिल करने में सफल रही।

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-कांग्रेस की बात करें तो 2011 विधानसभा चुनाव में उसे मुस्लिम बहुल इलाकों में 14.4 प्रतिशत वोटों के साथ 16 सीटें मिली थीं।

-2016 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मुस्लिम बहुल इलाकों में 19 प्रतिशत वोटों के साथ 18 सीटों पर जीत दर्ज की है।

-वामपंथी दलों की बात करें तो 2011 में उन्‍हें मुस्लिम बहुल इलाकों में 41.7 प्रतिशत वोटों के साथ 18 सीटों पर विजय हासिल हुई थी।

-2016 विधानसभा चुनाव में वामपंथी दलों का प्रदर्शन मुस्लिम इलाकों बेहद खराब रहा। इस बार उन्‍हें सिर्फ 24 प्रतिशत वोट प्राप्‍त हुए और कुल 8 सीटों पर ही जीत मिल सकी।

-भारतीय जनता पार्टी को 2011 विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। पार्टी मुस्लिम बहुल इलाकों में सिर्फ 4.6 प्रतिशत वोट ही प्राप्‍त कर सकी थी।

-2016 विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन सुधरा है। पार्टी को इस बार मुस्लिम बहुल इलाकों में एक सीट पर जीत हासिल हुई है और उसका वोट प्रतिशत बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गया है।

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