पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रचंड जीत की हुई है। बीजेपी 207 सीट जीती है तो वहीं टीएमसी महज 89 सीटों पर सिमट गई है। बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है। बीजेपी की बंगाल जीत के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान जब-जब गृह मंत्री अमित शाह से पूछा गया कि बंगाल का मुख्यमंत्री कौन होगा तो उन्होंने जवाब दिया कोई बंगाली हिंदू ही बीजेपी की ओर से सीएम बनेगा।
ये तीन नाम बीजेपी की ओर से सीएम पद के प्रमुख दावेदार हैं
सुवेंदु अधिकारी
सीएम पद के लिए सुवेंदु अधिकारी वर्तमान में सबसे चर्चित नाम है। उन्होंने ममता बनर्जी को भवानीपुर में 15 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया है। सुवेंदु ने अपनी राजनीति कांग्रेस से शुरू की थी और उसके बाद वह सीएम ममता बनर्जी के करीबी बनते चले गए। वह टीएमसी के फाउंडिंग मेंबर भी रहें। एक समय सुवेंदु का पूरा परिवार टीएमसी में था। हालांकि दिसंबर 2020 में सुवेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो जाते हैं और खूब मेहनत करते हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर सुवेंदु अधिकारी चर्चा में आए थे।
एक समय सुवेंदु अधिकारी के पास ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में पांच बड़े विभाग थे। ऐसे में जब उन्होंने टीएमसी छोड़ी तो ममता बनर्जी को झटका लगा था। ममता ने उन्हें हराने के लिए खुद मोर्चा संभाला और नंदीग्राम पहुंच गईं। हालांकि सुवेंदु ने उन्हें करीबी मुकाबले में हरा दिया। फिर भी बंगाल में 2021 में बीजेपी सरकार नहीं बना पाई लेकिन सीटों की संख्या तीन से बढ़कर 77 पर पहुंच गई। इसके बाद अगले 5 साल तक लगातार सुवेंदु टीएमसी को विधानसभा के अंदर और बाहर घेरते रहें।
सुवेंदु अधिकारी कहते हैं कि पिछले 5 सालों में 104 बार किसी न किसी मामले में ममता सरकार के कारण हाई कोर्ट पहुंचे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने पूरे बंगाल का दौरा किया और बीजेपी के संगठन को खड़ा किया। जब-जब हिंसा की खबरें आई सुवेंदु अधिकारी सबसे पहले पहुंचे और मोर्चा संभाला। सुवेंदु अधिकारी भले ही टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए लेकिन आज वह भाजपा कार्यकर्ताओं के चहेते बन चुके हैं। सुवेंदु अधिकारी, पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद भी हैं। 2021 में नंदीग्राम से हारने के बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु भवानीपुर से भी चुनाव लड़ रहे हैं। ममता बनर्जी को उन्होंने कड़ी टक्कर दी है। सुवेंदु अधिकारी अब सीएम पद के लिए प्रबल दावेदार हैं।
शांतनु ठाकुर
शांतनु ठाकुर वर्तमान में बनगांव लोकसभा सीट से सांसद हैं। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में शांतनु ठाकुर ने बनगांव लोकसभा से जीत दर्ज की। शांतनु ठाकुर के पिता मंजुल कृष्णा ठाकुर टीएमसी के बड़े नेता रह चुके हैं। हालांकि अब परिवार भाजपा में है। शांतनु ठाकुर मतुआ समुदाय से आते हैं जो बंगाल की एक दलित वर्ग की जाति है। बंगाल में जीत के साथ ही भाजपा के 18 मुख्यमंत्री हो जाएंगे। हालांकि भाजपा के पास एक भी दलित चेहरे के रूप में सीएम नहीं है।
अगर देखा जाए तो शांतनु ठाकुर की उम्र भी उनके पक्ष में है। वह महज 43 साल के हैं और एक युवा मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश की कमान संभालने की क्षमता रखते हैं। उन्हें प्रशासन चलाने का अनुभव भी है और 2021 से ही मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शांतनु ठाकुर ने चुनाव नहीं लड़ा है। हालांकि अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार में उन्होंने काफी मेहनत की। अगर बीजेपी शांतनु ठाकुर को मुख्यमंत्री बनाती है तो वह एक तीर से कई निशानी साधेगी। पहले तो पार्टी किसी भी राज्य में अपना पहला दलित मुख्यमंत्री देगी। वहीं युवा और प्रशासनिक अनुभव वाले चेहरे का भी पार्टी को फायदा होगा।
अग्निमित्रा पॉल
अगर भाजपा किसी महिला को सीएम उम्मीदवार के रूप में चुनती है तो अग्निमित्रा पॉल का नाम भी सामने आ सकता है। अग्निमित्रा पॉल 2019 से लगातार जमीन पर सक्रिय हैं। अग्निमित्रा पॉल मशहूर फैशन डिजाइनर रह चुकी हैं। 2019 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की थी और उसके बाद उन्हें बंगाल भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में अग्निमित्रा पॉल को पार्टी ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने टीएमसी की चर्चित सायोनी घोष को मात दी थी। बीजेपी 2021 में सरकार नहीं बना पाई और उसके बाद कई मौके पर उन्हें हिंसा का भी सामना करना पड़ा। लेकिन अग्निमित्रा मजबूती से पार्टी के लिए खड़ी रहीं।
अग्निमित्रा पॉल पिछले 5 साल से लगातार जमीन पर सक्रिय रही हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रही हैं। महिलाओं में भी उनकी अच्छी पकड़ है। एक बार फिर से उन्होंने आसनसोल दक्षिण से जीत हासिल की है। ऐसे में अगर भाजपा किसी महिला मुख्यमंत्री पर विचार करती है तो अग्निमित्रा पॉल का भी नाम प्रबल दावेदार के रूप में होगा।
डिप्टी सीएम की रेस में राजू बिष्टा
राजू बिष्टा बंगाल बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं और गृह मंत्री अमित शाह के बेहद खास हैं। 2019 से राजू बिष्टा दार्जिलिंग से लोकसभा सांसद चुने जा रहे हैं। राजीव बिष्टा गोरखा परिवार से आते हैं और गोरखा समुदाय के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। राजू बिष्टा की उम्र 40 साल है। अमित शाह कई बार इन्हें अपना करीबी मित्र बता चुके हैं। बीजेपी को पिछले कई चुनाव से गोरखा समुदाय का लगातार समर्थन मिल रहा है। ऐसे में पहली बार बंगाल में सरकार बनने पर गोरखा नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार भाजपा गोरखा समुदाय से एक डिप्टी सीएम बना सकती है और उसमें राजू बिष्टा का नाम प्रमुख तौर पर सामने आ रहा है।
