West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। पिछले चुनाव में हुए विस्तार के चलते बीजेपी जहां राज्य में इस बार सरकार बनाने की उम्मीद के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं, तो दूसरी ओर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस है।
पिछले 15 साल से टीएमसी राज्य की सत्ता पर काबिज है और मुख्यमंत्री इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं। संभवतः पिछले चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन और इस बार चल रहे आक्रामक लेकिन साइलेंट कैंपेन से चलते ममता बनर्जी भी यह समझ रही हैं कि ये उनके लिए एक सबसे मुश्किल चुनाव हैं।
BJP-TMC ने जारी किया घोषणापत्र
बीजेपी और टीएमसी दोनों ही राजनीतिक दलों ने बंगाल की जनता को लुभाने के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र का नाम ‘भरोसापत्र’ रखा है, जबकि टीएमसी ने अपने मेनिफेस्टो का नाम ‘इश्तेहार’ रखा है।
हालांकि, टीएमसी के घोषणापत्र का नाम इश्तेहार रखने के मुद्दे पर भी काफी सवाल उठे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इसको निशाना बनाया है।
‘कल्याणकारी योजना’ बनाम ‘अस्मिता’
घोषणापत्र के नाम चाहे कुछ भी हो लेकिन जनता को असल मतलब केवल वादों से हैं, जो इस घोषणापत्र में बीजेपी और टीएमसी ने किए हैं। अहम बात यह भी है कि बंगाल का इस बार का विधानसभा चुनाव मुख्य रूप से ‘कल्याणकारी योजनाओं’ (Welfare Schemes) और ‘अस्मिता’ की लड़ाई बनता जा रहा है। चलिए दोनों ही राजनीति दलों के घोषणापत्र में किए गए अहम मुद्दों का तुलना करते हैं।
BJP और TMC के घोषणापत्रों की तुलना
महिला सशक्तिकरण: 3000 बनाम लक्ष्मी भंडार
महिलाओं का वोट बंगाल में निर्णायक भूमिका निभाता है और इसे टीएमसी का कोर वोटर माना जाता है, जिसे लुभाने के लिए बीजेपी ने काफी कोशिश की है, जिसमें डीबीटी का दांव भी चला गया है।
- BJP के वादे: ‘ममता कार्ड’ की काट के रूप में बीजेपी ने मध्यम और गरीब वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 प्रति माह देने का वादा किया है। साथ ही, राज्य पुलिस और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण की बात कही है।
- TMC के वादे: ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पहले से ही गेमचेंजर रही है। टीएमसी ने इस राशि को और बढ़ाने और इसे घर-घर तक पहुँचाने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराया है।
| मुद्दा (Issue) | बीजेपी (BJP) का संकल्प पत्र | टीएमसी (TMC) की 10 प्रतिज्ञा |
| महिला कल्याण | ₹3,000 प्रति माह सहायता और नौकरियों में 33% आरक्षण | लक्ष्मी भंडार’ योजना की राशि में और बढ़ोतरी का वादा |
| समान नागरिक संहिता (UCC) | सरकार बनने के 6 महीने के भीतर UCC लागू करने का संकल्प | UCC का कड़ा विरोध और सांस्कृतिक विविधता पर जोर |
| रोजगार और भत्ता | ₹3,000 मासिक बेरोजगारी भत्ता और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया | नए रोजगार अवसर और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का विस्तार |
| स्वास्थ्य (Health) | आयुष्मान भारत’ योजना को बंगाल में पूरी तरह लागू करना | दुआरे चिकित्सा’ और मुफ्त सरकारी इलाज का विस्तार |
| सरकारी कर्मचारी | 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू करना | मौजूदा सेवा लाभों और भत्तों में निरंतरता का वादा |
| घुसपैठ और सुरक्षा | घुसपैठ पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और सख्त सीमा प्रबंधन | बंगाली अस्मिता की रक्षा और क्षेत्रीय एकता पर फोकस |
| किसान सहायता | पीएम किसान के ₹6,000 + राज्य के ₹3,000 (कुल ₹9,000) | कृषक बंधु’ योजना और सिंचाई सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण |
| प्रशासनिक ढांचा | भ्रष्टाचार मुक्त शासन और केंद्रीय योजनाओं का सीधा लाभ | प्रशासनिक पहुंच के लिए 7 नए जिले बनाने की घोषणा |
| बुनियादी ढांचा | पक्का घर, शौचालय और हर घर नल से जल (केंद्रीय स्कीम) | किफायती आवास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास |
| शिक्षा और संस्कृति | वंदे मातरम संग्रहालय’ और सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना | आधुनिक शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र कल्याण योजनाएं |
वैचारिक मुद्दे: UCC और घुसपैठ
बीजेपी ने यहां अपने कोर एजेंडे को बंगाल के स्थानीय मुद्दों से जोड़ा है।
- BJP: गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया है कि सरकार बनने के 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। साथ ही, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत घुसपैठ रोकने का आश्वासन दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने घुसपैठियों को वापस भेजने तक की बात कही है।
- TMC: तृणमूल कांग्रेस UCC के मुद्दे पर मुखर विरोध में है और इसे संघीय ढांचे और सांस्कृतिक विविधता के खिलाफ बताती है।
युवा और रोजगार
अहम बात यह है कि बंगाल के विधानसभा चुनाव के लिए जारी दोनों ही राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में बड़ा मुद्दा है।
- BJP: बेरोजगार युवाओं को ₹3,000 मासिक भत्ता देने और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने का वादा किया है। साथ ही, सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करने का संकल्प लिया है।
- TMC: ममता बनर्जी की 10 प्रतिज्ञाओं में युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए आर्थिक सहायता और कौशल विकास पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
- BJP: केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को बंगाल में पूरी तरह लागू करने का वादा किया गया है, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक रखा था।
- TMC: ‘दरवाजे पर स्वास्थ्य’ (Health at Doorstep) और मुफ्त इलाज की अपनी मौजूदा योजनाओं को और विस्तार देने की प्रतिज्ञा की है।
कृषि और ग्रामीण विकास
- BJP: पीएम किसान सम्मान निधि के ₹6,000 के अलावा राज्य की ओर से ₹3,000 अतिरिक्त देने का वादा किया गया है।
- TMC: किसानों को वित्तीय सहायता और सिंचाई की बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ 7 नए जिले बनाने की बात कही है ताकि प्रशासनिक पहुंच बढ़े।
ये वो मुद्दे हैं, जिनके जरिए टीएमसी और बीजेपी बंगाल की जनता को लुभाने की कोशिश कर रही है। अब देखना ये होगा कि बंगाल की जनता दोनों ही राजनीतिक दलों में कितना विश्वास करती है।
ममता ने चुनावी घोषणा पत्र में जनता से किए 10 वादे

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जनता से 10 बड़े वादे किए। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी की ओर से जो वादे किए गए हैं, उसका मकसद केंद्र के बढ़ते दखल और बंगाल की पहचान की सुरक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नागरिकों के वोट का अधिकार छीनने और राज्य को कमजोर करने की साजिश रच रही है। पढ़ें पूरी खबर…
