पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कांग्रेस के एक नेता और उनके बेटे की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव है। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस घटना को लेकर शुभेंदु सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
मृतक अनीसुर रहमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और नादिया जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव थे। उनका बेटा अबू सुफियान कानून की पढ़ाई कर रहा था।
स्थानीय और पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरनगर पंचायत क्षेत्र में जुब्बर शेख नामक एक स्थानीय नेता का काफी प्रभाव है। स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि वे कभी सीपीएम से जुड़े थे, बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। बताया जाता है कि जुब्बर शेख फिलहाल एक मामले में जेल में हैं।
परिवार और स्थानीय कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इलाके में अनीसुर रहमान का राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा था। साथ ही, नकाशीपारा में कांग्रेस भी मजबूत हो रही थी। इसीलिए उनका दावा है कि यह हमला राजनीतिक बदले की भावना से रचा गया था। परिवार का आरोप है कि जुब्बार शेख भले ही जेल में हो, लेकिन उसके लोग इस हमले के पीछे हो सकते हैं।
इस बीच, पुलिस ने अभी तक इस घटना में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय तृणमूल नेता जुब्बार शेख और उनके समूह के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। परिवार का दावा है कि यह हमला राजनीतिक कारणों से किया गया था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
यह हमला तब हुआ जब बंगाल कांग्रेस कमेटी के सदस्य और नादिया जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव अनीसुर रहमान अपने 24 वर्षीय बेटे अबू सुफियान के साथ बेथुआदाहारी से अपने घर लौट रहे थे। तभी शनिवार को नागाड़ी रेलवे गेट के पास अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उनकी कार पर गोलियां चला दीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गोलीबारी की और फिर धारदार हथियारों से दोनों पर हमला किया। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। 50 वर्षीय रहमान नकाशीपारा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में से एक थे। वे लंबे समय से पार्टी के लिए विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने हमले की निंदा की और बंगाल में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। अधीर रंजन चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं नदिया से कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। यह सरकार ‘डर को दूर भगाओ, भरोसा रखो’ के नारों के साथ सत्ता में आई है, और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसी जघन्य घटनाएं लोगों की सुरक्षा और राजनीति में स्वतंत्र रूप से भाग लेने के अधिकार पर कई सवाल खड़े करती हैं।” उन्होंने घटना की “निष्पक्ष और तटस्थ” जांच की मांग की।
पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत, पार्टी दफ्तर में मिला शव, ममता के थे करीबी
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत हो गई है। आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट में उनके कमरे के बगल में स्थित पार्टी दफ्तर में मिला। पुलिस के मुताबिक, बनर्जी का शव फंदे से लटका हुआ मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के हट्टालापारा मोहल्ले में रहते थे। जब लोगों को उनका शव मिलने की खबर मिली तो पार्टी दफ्तर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। पढ़ें पूरी खबर।
