ताज़ा खबर
 

बीजेपी-TMC के खिलाफ मोर्चा बनाने की तैयारी में कांग्रेस और लेफ्ट! दुविधा में आलाकमान

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सोमने मित्रा ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को समझाया है कि राज्य में सीपीएम के साथ गठबंधन पार्टी हित में है। जबकि, टीएमसी के साथ गंठजोड़ प्रदेश में कांग्रेस का अस्तित्व मिटा सकता है।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का लक्ष्य है कि वह सीपीएम के साथ हाथ मिलाकर बीजेपी और टीएमसी के खिलाफ मतदाताओं को एकजुट करे। (फोटो सोर्स: Twitter)

लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल की सियासत नई करवटें ले सकती है। आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस और सीपीएम के नेतृत्व वाली लेफ्ट पार्टियों के बीच खिंचड़ी पकने लगी है। शनिवार को कांग्रेस और सीपीएम ने रणनीतिक रूप से एक साथ आने की दिलचस्पी दिखाई है। लेफ्ट पार्टियां राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों से शायद चुनाव नहीं लड़ेंगी। लेफ्ट का कहना है कि उनका लक्ष्य बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों के खिलाफ मतदाताओं को संगठित करना है। इस संबंध में सीपीएम और कांग्रेस राज्य इकाई के नेता रणनीतिक गठबंधन को फाइनल अंजाम देने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन, हाईकमान से हरी झंडी नहीं मिल पाई है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए दोनों पार्टियों का हाईकमान दुविधा की स्थिति में है।

दरअसल, कांग्रेस हाईकमान पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के साथ हाथ मिलाने की ख्वाहिशमंद है। हालांकि, टीएमसी भी कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करना चाहती। वहीं, सीपीएम की केरल यूनिट भी किसी सूरत में कांग्रेस के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं है।

रणनीतिक गठबंधन को लेकर सीपीएम पोलित ब्यूरो की दो दिन शुक्रवार (8 फरवरी) और शनिवार (9 फरवरी) को बैठक हुई। दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के साथ मीटिंग की। बैठक खत्म होने के बाद पश्चिम बंगाल के पीसीसी प्रमुख सोमेन मित्रा ने कहा कि पार्टी सीपीएम के साथ बिना ‘स्वाभिमान की बलि’ दिए हाथ मिलाना चाहती है। सीपीएम की बैठक में पार्टी के नेताओं का कहना था कि केंद्र से बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में सत्ता से बाहर उखाड़ फेंकना जरूरी है। हालांकि, इसके पहले गौर करें तो अप्रैल 2018 में सीपीएम ने पार्टी बैठक में फैसला लिया था कि उनका एक मात्र लक्ष्य बीजेपी को हराना है, लेकिन कांग्रेस के साथ हाथ नहीं मिलाना है। मगर इस बार सीपीएम के सुर थोड़े बदले और नरम दिखाई दे रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि लेफ्ट पार्टियां पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की 4 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं खड़े करेगी। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में जंगीपुर, मालदा दक्षिण और उत्तर तथा बहरामपुर से कांग्रेस के सांसद हैं। वहीं, कांग्रेस भी उन सीटों से चुनाव नहीं लड़ेगी जहां पर लेफ्ट पार्टियां मजबूत हैं और चुनाव जीत सकती हैं। वर्तमान में बदले नए राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के नेता संभलकर बयान दे रहे हैं। ‘द संडे एक्सप्रेस’ से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मित्रा ने कहा, “हमने हाल ही में राहुल गांधी से पश्चिम बंगाल यूनिट के विचारों को साझा किया है। हम अपने विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमने उन्हें बताया है कि अगर टीएमसी के साथ हम हाथ मिलाते हैं तो कांग्रेस का राज्य से अस्तित्व मिट जाएगा।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App