पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखेंगे और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी को 15000 से ज्यादा वोटों से हराया था।

आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हाई-प्रोफाइल भवानीपुर और नंदीग्राम सीटों पर जीत हासिल की थी। बुधवार को उन्होंने राज्य विधानसभा में भवानीपुर से विधायक के तौर पर शपथ ली।

नंदीग्राम की जनता से किए वादे करेंगे पूरे

शुभेंदु ने कहा, ”उपचुनाव में किसी और को नंदीग्राम से विधायक चुना जाएगा। लेकिन मैं वहां के लोगों को मेरी गैर-मौजूदगी का अहसास नहीं होने दूंगा।”

विधानसभा परिसर में शुभेंदु ने कहा, ”मैं राज्य के बाकी लोगों के साथ-साथ नंदीग्राम की जनता से किए विकास से जुड़े सभी वादों को पूरा करूंगा।”

ममता को दी थी 15000 से ज्यादा वोटों से मात

अधिकारी ने 2009 से 2016 तक नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस विधायक रहीं फिरोजा बीबी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय वह ममता बनर्जी की पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उन्होंने कहा, ”हालांकि मैं आधिकारिक तौर पर उस सीट का विधायक नहीं था, फिर भी मैंने 2008 के नंदीग्राम पुलिस गोलीबारी कांड में शहीद हुए व्यक्ति की मां फिरोजा बीबी को पूरा समर्थन दिया था। इस बार भी मैं वैसी ही भूमिका निभाऊंगा।”

विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर सीट पर उन्हें कांटे की टक्कर में 15,105 वोटों से हराया था। वहीं, उन्होंने अपने मजबूत गढ़ नंदीग्राम सीट पर तृणमूल कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वी पवित्र कर को 9,665 वोटों से पराजित किया था।

अवैध टोल बूथ पर सख्त रुख

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में संचालित हो रहे अवैध टोल बूथों पर सख्त रुख दिखाया है। राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे अवैध टोल और ड्रॉप गेट्स बंद करने का आदेश दिया है।

बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर का भी आदेश दे चुके हैं शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीएम की कुर्सी संभालते ही सबसे पहले बांग्लादेश से लगी सीमा पर बाड़बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 45 दिन के अंदर पूरी की जाएगी।

उन्होंने राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना और कई अन्य योजनाएं लागू करने की भी घोषणा की। बीते सोमवार को उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने स्कूलों में नौकरी के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के एक प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया जैसा कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था।