West Bengal Election News: विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को बदलने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब दुष्यंत नारियावाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है। गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को उनके पद से हटाकर 1997 बैच के आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया गया है।

आयोग ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के बाद प्रशासनिक फेरबदल का फैसला लिया गया है। नव नियुक्त अधिकारियों को तत्काल कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए, नए अधिकारियों को सोमवार 16 मार्च को दोपहर 3 बजे तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी कहा है कि जिन अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक चुनाव संबंधी किसी भी कार्य पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है।

टीएमसी और बीजेपी ने चुनाव आयोग के फैसले पर क्या कहा?

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के इस कदम पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। टीएमसी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने बॉस को खुश करने के लिए अधिकारियों का तबादला कर सकता है, लेकिन ममता को जनता के दिलों से नहीं हटा सकता। टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “चुनाव आयोग सिर्फ अपने बॉस को खुश करने के लिए आदेशों का पालन कर रहा है। आप अधिकारियों का तबादला कर सकते हैं, लेकिन ममता बनर्जी को जनता के दिलों से नहीं हटा सकते।”

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दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पार्टी से जुड़े किसी भी अधिकारी को राज्य में चुनाव तंत्र का हिस्सा न बनाया जाए। बंगाल बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, “2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, दौरान और बाद में हमारे लगभग 250 कार्यकर्ता और सदस्य मारे गए। हमने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े किसी भी अधिकारी को चुनाव तंत्र का हिस्सा न बनाया जाए।”

बंगाल में कितने फेज में होगी वोटिंग और कब आएंगे नतीजे?

बता दें कि इस बार पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पूरी चुनावी कार्यक्रम पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…