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पश्चिम बंगालः मुर्शिदाबाद में CAA विरोधी प्रदर्शन अचानक हुआ उग्र, उपद्रवियों ने फेंके बम और की फायरिंग; दो की मौत

नागरिक मंच से बंद वापस लेने का कहा गया जिसके बाद हालात हिंसक हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे की ओर बम फेंकें। झड़प के दौरन कई दो पहिया वाहनों और कारों में भी तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई।

नागरिकता विवाद के बीच बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अचानक हिंसक हुए CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की जान चली गई। (फोटो-ANI)

नागरिकता विवाद के बीच बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अचानक हिंसक हुए CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की जान चली गई। घटना के दौरान तीन अन्य जख्मी भी हुए, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। हमले के दौरान उपद्रवियों ने प्रदर्शनकारियों की तरफ पहले बम फेंके और फिर फायरिंग की थी।

एसडीपीओ जलांगी संदीप सेन ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों को बताया, “दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया है। हमारी जांच फिलहाल जारी है। हालांकि, मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।” पुलिस के मुताबिक झड़प तृणमूल पार्टी के स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय निवासियों के मंच ‘‘नागरिक मंच’’के बीच हुई जिसने सीएए और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ बंद की घाषणा की थी। बहस प्रदर्शन के तरीके को लेकर हुई।

नागरिक मंच से बंद वापस लेने का कहा गया जिसके बाद हालात हिंसक हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे की ओर बम फेंकें। झड़प के दौरन कई दो पहिया वाहनों और कारों में भी तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई। तृणमूल पार्टी के स्थानीय सांसद अबू ताहिर ने झड़प में पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है और उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा करने वाले कांग्रेस और माकपा के सदस्य थे।

ताहिर ने कहा, ‘‘मैंने पुलिस से कार्रवाई करने को कहा। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक मनोज चक्रवर्ती ने हिंसा में पार्टी के शामिल होने से इनकार किया और सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायिक जांच की मांग की।
अधिकारी ने बताया कि हिंसा में घायल व्यक्ति को मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में ले जाया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुर्शिदाबाद में पिछले साल दिसंबर में भी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। पश्चिम बंगाल वाम शासित केरल और कांग्रेस शासित पंजाब और राजस्थान के बाद चौथा राज्य है जिसकी विधानसभा ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। राज्य विधानसभा ने छह सितंबर 2019 को एनआरसी के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया था।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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