अब्बास सिद्दीक़ी पीरज़ादा ने ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का लगाया आरोप, जाने बंगाल की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है फुरफुरा शरीफ दरगाह

श्चिम बंगाल की 90 विधानसभा सीटों पर फुरफुरा शरीफ और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी का सीधा प्रभाव है। दरअसल फुरफुरा शरीफ में मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तरी दिनाजपुर समेत कई जिलों के मुसलमान हर साल यहां जियारत करने आते हैं।

mamta banerjee, pirzada abbas Siddiqui, west bengalकभी ममता बनर्जी के नजदीकी रहे फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी के चुनावी मैदान में आने के बाद तृणमूल सुप्रीमो की राहें थोड़ी मुश्किल दिखाई दे रही है। (एक्सप्रेस फोटो/ शशि घोष )

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर देशभर की निगाहें टिकी हुई है। भले ही कई राजनीतिक विश्लेषक यह दावा कर रहे हों कि इस बार के चुनाव में मुख्यतः भाजपा और तृणमूल ही चुनावी मैदान में हैं। लेकिन कांग्रेस- वाम-आईएसएफ गठबंधन ने भी इस लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। आईएसएफ फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी है। अब्बास सिद्दीकी के चुनावी मैदान में आने के बाद तृणमूल सुप्रीमो की राहें थोड़ी मुश्किल दिखाई दे रही है। कभी ममता बनर्जी के नजदीकी रहे फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने तृणमूल सुप्रीमो पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया है।

दरअसल बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने ममता बनर्जी को ध्रुवीकरण और मुस्लिम तुष्टिकरण करने का दोषी ठहराया। अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि एक सेक्युलर नेता वह होता है जो मुहर्रम और दुर्गा पूजा दोनों साथ कराए ना कि किसी एक के लिए दूसरे त्यौहार को मनाने की अनुमति ना दे। ममता बनर्जी की इस तरह की राजनीति से ध्रुवीकरण की राजनीति  बढ़ी है। साथ ही अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि कभी भी किसी भी मुसलमान ने दुर्गा पूजा के आयोजन पर रोक लगाने की मांग नहीं कि लेकिन तृणमूल सुप्रीमो ने जानबूझ कर ऐसा किया जिससे मुसलमान खुश हो जाए।

आगे पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि ममता बनर्जी को यह पता होना चाहिए कि मुसलमान उनके इस कारनामों से खुश नहीं होगा बल्कि उनके लिए कुछ अच्छी योजनाओं को लाने से खुश होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं मानता हूँ कि ममता ने मुसलमानों का तुष्टिकरण किया है। ममता बनर्जी की सरकार से पहले किसी की भी सरकार में दुर्गा पूजा और मुहर्रम को लेकर कभी कोई समस्या नहीं हुई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हिजाब पहनने पर भी उन्होंने कहा कि ऐसा करके वे मुसलमानों को बेवकूफ बना रही है।

इस बार के चुनाव में 34 वर्षीय पीरजादा अब्बास सिद्दीकी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की 90 विधानसभा सीटों पर फुरफुरा शरीफ और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी का सीधा प्रभाव है। दरअसल फुरफुरा शरीफ में मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तरी दिनाजपुर समेत कई जिलों के मुसलमान हर साल यहां जियारत करने आते हैं। इस वजह से इन जिलों के लोगों के बीच अब्बास सिद्दीकी की अच्छी पैठ है। इतना ही नहीं अब्बास सिद्दीकी अपने भाषणों की वजह से मुस्लिम युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। जिसका फायदा उन्हें इस बार के चुनाव में मिल सकता है।

अब्बास सिद्दीकी के राजनीति में आने की वजह से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो पहले के विधानसभा चुनावों में अब्बास सिद्दीकी के समर्थक ममता बनर्जी के पक्ष में वोट किया करते थे। कहा यह भी जाता है कि नंदीग्राम आंदोलन में भी अब्बास सिद्दीकी ने ममता बनर्जी का सहयोग किया था। हालांकि अब दोनों की राहें जुदा है। कांग्रेस और वाम गठबंधन ने इस बार के चुनाव में पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी को 30 सीटें दी है।

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