पश्चिम बंगाल के अलीपुर स्थित एक बहुमंजिला सरकारी भवन में बुधवार को लगी भीषण आग में करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर खाक हो गईं। राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने गुरुवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मंत्री कौशिक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि यहां एक सरकारी इमारत में लगी आग में करीब 4,000 EVM जलकर खाक हो गईं। पुलिस ने इस घटना के संबंध में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में नौ मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इस इमारत में अन्य विभागों के अलावा दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का कार्यालय भी था।

अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के राज्य मंत्री ने कहा, “आग में करीब 4,000 EVM नष्ट हो गईं। इन EVM का इस्तेमाल राज्य में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 10 निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था।”

चौधरी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, “यह आग सामान्य नहीं लगती और मामले में साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अभी यह साफ नहीं है कि आग नौवीं और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंची।” उन्होंने बताया कि आग सबसे पहले इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई थी।

मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यह सातवीं और आठवीं मंजिल तक कैसे पहुंची, जबकि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल प्रभावित नहीं हुईं? पूरे मामले की जांच चल रही है।” चौधरी ने कहा कि वह घटना के बारे में बेहतर जानकारी पाने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, आग लगने के करीब 24 घंटे बाद भी फायर सर्विस के कर्मचारी आग बुझाने में जुटे रहे।

हालांकि, गुरुवार सुबह आग की लपटें दिखाई नहीं दे रही थीं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कहीं-कहीं आग सुलगने (पॉकेट फायर) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी ने कहा कि इमारत के अंदर कुछ जगहों पर आग सुलग रही है और उन्हें बुझाना ज़रूरी है। कूलिंग का काम चल रहा है।

इस बीच, साउथ 24 परगना प्रशासन ने अलीपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराकर घटना की जांच की मांग की। यह शिकायत ज़िले के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) ने दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग बिजली की खराबी या किसी और वजह से लगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक आग लगने की कोई खास वजह पता नहीं चल पाई है।

इमारत में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि जांच करने वाले इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि आग कई मंजिलों तक कैसे फैली। पुलिस ने इमारत के आस-पास निगरानी भी बढ़ा दी है।

उम्मीद है कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स घटनास्थल का मुआयना करेंगे और आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए सैंपल इकट्ठा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि आग गलती से लगी थी या किसी ने जान-बूझकर लगाई थी।

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि तोड़-फोड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि बीजेपी नेता राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि आग एक सुनियोजित साजिश थी। हालांकि, ऐसे दावों का समर्थन करने वाला कोई सबूत अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नतीजे पर फोरेंसिक जांच और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ही पहुंचा जाएगा। अधिकारी इमारत में मौजूद सरकारी रिकॉर्ड, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा प्रणालियों को हुए नुकसान का भी आकलन कर रहे हैं।

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