बंगाल उप चुनाव: विपक्षी पार्टियों की शिकायत पर बंगले में ‘नजरबंद’ किए गए बंगाल बीजेपी प्रमुख, बोले- कोई टेंशन नहीं

दिलीप घोष ने कहा, "मुझे कोई टेंशन नहीं है। हम इस उपचुनाव की सभी तीनों सीटों पर विजय हासिल करेंगे। हम कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे, लेकिन यदि टीएमसी के कार्यकर्ता हमारे ऊपर हमला करते हैं, तो हम उन्हें वाजिब जवाब देंगे।

Author November 26, 2019 10:06 AM
खड़गपुर स्थित अपने बंगले में पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष। (Express photo: Partha Paul)

पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रमुख और मिदनापुर के सांसद दिलीप घोष को उनके खड़गपुर स्थित बंगले में सोमवार को ‘नज़रबंद’ कर दिया गया। दरअसल, घोष के खिलाफ उनके विरोधी दलों ने मतदान के दौरान विधानसभा में उनकी मौजूदगी को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की थी। गौरतलब है कि घोष द्वारा मई में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खड़गपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। पिछले 6 दिनों से वह अपने पार्टी के उम्मीदवार प्रेमचंद्र झा के लिए प्रचार कर रहे थे और अहम रणनीतिक योजनाओं को अंजाम दे रहे थे।

दिलीप घोष की खड़गपुर में मौजूदगी पर सब डिविजनल ऑफिसर वैभव चौधरी ने कहा, “निजी तौर पर मैंने दिलीप घोष को यहां (खड़गपुर) में रुकने के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी। जिन क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं, उन इलाकों में वह नहीं घूम सकते, क्योंकि वह इस विधानसभा के मतदाता नहीं हैं।” जिला प्रशासन की सख्ती के बाद दिलीप घोष बदूंकधारी सुरक्षा कर्मियों के साथ अपने बंगले तक ही सीमित रहे। इस दौरान उन्होंने अपना एक दिन पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से फोन पर बात करते हुए बिताया।

दिलीप घोष ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “मुझे कोई टेंशन नहीं है। हम इस उपचुनाव की सभी तीनों सीटों पर विजय हासिल करेंगे। हम कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे, लेकिन यदि टीएमसी के कार्यकर्ता हमारे ऊपर हमला करते हैं, तो हम उन्हें वाजिब जवाब देंगे।” उपचुनाव के दिन भारी संख्या में युवाओं का समूह घोष के घर के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गया। इसे बाद सुबह के 10 बजे तक सभी मोटरसाइकिल के जरिए अलग-अलग जगहों पर चले गए। एक बीजेपी नेता ने बताया, “हमारे मोटरबाइक दस्ते ने जबरदस्त काम किया है। इन्होंने पूरा दिन क्षेत्र में पट्रोलिंग की और टीएमसी कार्यकर्ताओं का पीछा करते रहे, ताकि वे मतदान को प्रभावित नहीं कर सकें।”

उधर उपचुनाव को लेकर टीएमसी ने भी अपनी जीत का दावा किया है। टीएमसी उम्मीदवार प्रदीप सरकार ने जीत के प्रति विश्वास जाहिर करते हुए कहा, “हमारा गणित सिंपल है। 2019 में कांग्रेस और सीपीएम का वोट बीजेपी को चला गया था। जिसकी वजह से उनकी जीत हुई और 2016 (विधानसभा चुनाव) में टीएमसी का वोट कांग्रेस को चला गया था। लेकिन, इस बार सीपीएम और कांग्रेस का वोटबैंक जस का तस कायम है। ऐसे में टीएमसी चुनाव जीत जाएगी।” वहीं, इस दावे पर कांग्रेस के प्रत्याशी चित्तरंजन मंडल कहते हैं, “यदि हमारे वोट बैंक इंटैक्ट हैं, तो कोई भी ताकत हमें जीतने से नहीं रोक सकती।”

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