पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से भारत पर पड़ रहे प्रभाव चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को संसद में हंगामा किया। इस वजह से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। संसद परिसर में जब मीडिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से इसको लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया में जो हो रहा है, उससे हमारी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। पीएम मोदी ने अमेरिका से डील साइन कर दी है, उसपर चर्चा करने से क्या समस्या है। यही हम मांग रहे हैं।”
उन्होंने मीडिया से कहा, “क्या पश्चिम एशिया का मामला जरूरी नहीं है? ईंधन के दाम, आर्थिक तबाही क्या ये जरूरी मसले नहीं हैं? ये भी जनता के मुद्दे हैं, इन्हें हम जरूरी मानते हैं और इनपर हम चर्चा चाहते हैं। इसके बाद स्पीकर पर जो मोशन है, उसपर चर्चा करेंगे, कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन वो चर्चा नहीं करना चाहते हैं क्योंकि इससे पीएम नरेंद्र मोदी की पोजिशन निकलेगी।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पीएम ने कॉम्प्रोमाइज किया है। उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। चर्चा होने पर वह सवाल उठेगा। वो इस पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा, “आपने देखा पीएम भाग गए, आप देख लेना वो संसद में अंंदर नहीं आ पाएंगे।”
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- संघर्ष की वजह से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर हो चर्चा
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पश्चिम एशिया में संघर्ष और इसकी वजह से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर सोमवार को उच्च सदन में संक्षिप्त चर्चा कराने की मांग की।
सदन की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने LPG के दामों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर और वाणिज्यिक गैस की दरों में 115 रुपये की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए नियम 176 के तहत दिए गए अपने नोटिस का औचित्य बताया। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतों में वृद्धि से गरीबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है और इसलिए इस महत्वपूर्ण विषय पर संक्षिप्त चर्चा की अनुमति दी जाए।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती भू-राजनीतिक स्थिति अब केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रही है और इसका प्रभाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष भारत की छवि और प्रतिष्ठा पर भी असर डाल रहा है, क्योंकि देश कच्चे तेल की अपनी जरूरत का लगभग 55 प्रतिशत इस क्षेत्र से आयात करता है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं और कुछ भारतीयों के मारे जाने या लापता होने की खबरें भी आई हैं।
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संसद में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बयान देते हुए कहा कि 28 फरवरी से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और खाड़ी के कई देशों में हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
