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दिल्ली में सप्ताहांत कर्फ्यू खत्म, रात में पाबंदी रहेगी जारी

दिल्लीवालों को सप्ताहांत कर्फ्यू और सम-विषम व्यवस्था के तहत बाजारों में दुकानें खोलने की राहत मिल गई है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस प्रतीकातम्क फोटो)

दिल्लीवालों को सप्ताहांत कर्फ्यू और सम-विषम व्यवस्था के तहत बाजारों में दुकानें खोलने की राहत मिल गई है। गुरुवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता वाली दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दिल्ली सरकार ने कोरोना संक्रमण के मामलों में आई कमी के बाद यह फैसला लिया है। इसके अतिरिक्त थियेटर, रेस्तरां एवं बार को 50 फीसद क्षमता के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि डीडीएमए ने स्कूल-कालेज आदि को फिर से खोलने पर कोई फैसला नहीं लिया है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि इस मुद्दे पर डीडीएमए की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। उपराज्यपाल कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकारी कार्यालयों में भी अब 50 फीसद कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ काम किया जा सकेगा। इसी प्रकार बैठक में खुले क्षेत्रों में अधिकतम 200 मेहमानों और बंद स्थानों पर 50 फीसद क्षमता के साथ विवाह समारोह का आयोजन हो सकेगा। अब तक घर पर इस तरह के आयोजनों में केवल 20 लोगों के ही शामिल होने की इजाजत थी।

सप्ताहांत को छोड़कर बाकी दिनों में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा। डीडीएमए की आभासी (वर्चुअल) बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य शामिल हुए। उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को सलाह दी है कि दिल्ली में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। दिल्ली सरकार के सभी विभागों को आदेश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सख्ती से कोरोना संक्रमण से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

छह राज्यों में कम हुई संक्रमण दर

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओड़ीशा, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में कोरोना विषाणु संक्रमण के मामलों और संक्रमण दर में गिरावट आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि देश के 400 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर दस फीसद से ज्यादा है।स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक महाराष्ट्र में सप्ताहिक संक्रमण दर 23.7 से घटकर 23.3 फीसद तक कम हो गई है। उत्तर प्रदेश में यह दर 8.7 से 7.3 फीसद, दिल्ली में 25.1 से 14.7 फीसद, ओड़ीशा में 16.1 से 13 फीसद, हरियाणा में 31 से 27.09 फीसद और पश्चिम बंगाल में सप्ताहिक संक्रमण दर 32.8 से घट कर 9.5 फीसद हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर कोरोना संक्रमण के मामले कम होने या उनमें कोई परिवर्तन नहीं होने के संकेत मिले है, लेकिन इस प्रवृत्ति पर गौर करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों और मौत के मामले पहले की लहरों की तुलना में वर्तमान लहर के दौरान बहुत कम हैं। कोविड-उपयुक्त व्यवहार बरतने में किसी भी तरह की ढिलाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए, अग्रवाल ने कहा कि 400 जिलों में दस फीसद से अधिक साप्ताहिक कोरोना संक्रमण दर की सूचना है, जबकि 141 जिलों में यह 26 जनवरी को समाप्त सप्ताह में पांच से दस फीसद के बीच थी।

अग्रवाल ने कहा कि इलाज करा रहे मरीजों के मामले में शीर्ष दस राज्यों का देश में कुल इलाज करा रहे मामलों में 77 फीसद से अधिक का योगदान है। उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में 50,000 से अधिक इलाज करा रहे मरीज हैं जबकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल में तीन लाख से अधिक मरीज हैं।
संयुक्त सचिव ने कहा कि देश में 97.03 लाख स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे के कर्मियों और 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के लोगों को कोरोनारोधी टीके की एहतियाती खुराक दी गई। उन्होंने कहा कि साथ ही, 15-18 वर्ष आयु वर्ग के 59 फीसद किशोरों को अब तक कोरोनारोधी टीके की पहली खुराक मिल चुकी है।

कोविशील्ड व कोवैक्सीन अब बाजार में भी

भारत के दवा नियामक ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को कुछ शर्तों के साथ नियमित विपणन को मंजूरी दे दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का टीकाकरण अभियान जारी रहेगा, क्योंकि इसके तहत सभी को पहली और दूसरी खुराक के अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए एहतियाती खुराक प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि नियामक ने कुछ शर्तों के साथ वयस्क आबादी में आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के साथ कोवैक्सीन और कोविशील्ड के लिए मंजूरी को अपग्रेड किया है। मंजूरी के बाद उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि दोनों टीके अब निजी क्लीनिकों में पूर्व-निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर उपलब्ध होंगे और लोग उन्हें खरीद सकते हैं।

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