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6-7 पुलिसकर्मी थे तैनात फिर भी सैन्यकर्मी दलित दूल्हे की बारात पर हुई पत्थरबाजी, अगड़ी जाति के लोग घोड़ी चढ़ने का कर रहे थे विरोध

पुलिस के मुताबिक घटना शरीफ्डा गांव की है, जहां रविवार (16 फरवरी, 2020) सुबह 11 बजे आकाश कुमार कोइटिया (22) का वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था।

Author Translated By Ikram अहमदाबाद | Updated: February 17, 2020 8:52 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

गुजरात के बनासकांठा में एक दलित युवक के विवाह समारोह में कड़ी सुरक्षा के बावजूद पत्थरबाजी हुई। एक दूसरे समुदाय का आरोप है कि पत्थरबाजी हुई, क्योंकि युवक ने घोड़ी के सवारी की थी। पुलिस के मुताबिक घटना शरीफ्डा गांव की है, जहां रविवार (16 फरवरी, 2020) सुबह 11 बजे आकाश कुमार कोइटिया (22) का वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। आकाश सेना की मिलिट्री पुलिस विंग का हिस्सा हैं और हाल ही में बेंगलुरु से अपनी ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटे थे। मेरठ में उनकी पोस्टिंग होनी थी। आकाश अपने विवाह के लिए आकाश छुट्टे पर घर आए थे।

आकाश के बड़े भाई विजय कोइटिया ने बताया, ‘इससे पहले ही हमें ठाकुर कोली समुदाय के कुछ लोगों से धमकी मिली थी कि अगर दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा तो बारात को गांव से नहीं जाने देंगे। हमने लिखित में पुलिस से सुरक्षा मांगी, जिसके बाद 6-7 पुलिसकर्मियों को विवाह समारोह में तैनात किया गया। हालांकि बारात के गांव से गुजरने के दौरान एक समूह ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसमें दूल्हा किसी तरह बच गया और उसे पुलिस की वैन में ले जाया गया। हालांकि घटना में दो महिलाओं सहित हमारे तीन रिश्तेदार पत्थर लगने से घायल हो गए।’ बता दें कि आकाश खुद सेना में हैं और जम्मू-कश्मीर में उनकी तैनाती है।

घटना के बाद पुलिस की कई टीमों को गांव में भेजा गया। कम से कम 50-60 पुलिसकर्मी बारात में शामिल हुए, ताकि दूल्हा और बाराती दुल्हन के गांव सुंधा, पालनपुर तालुका पुहंच सकें। बनासाकांठा में दलित एक्टिविस्ट दलपत भाटिया ने बताया कि पुलिस सुरक्षा के बीच विवाह समारोह बिना किसी मुश्किल के संपन्न कर लिया गया।

इसी बीच दूल्हे के परिवार द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, ठाणे कोली समुदाय से संबंधित 11 लोगों के खिलाफ बनासकांठा के पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई है। आरोपियों की पहचान सेनजी कोली, शिवाजी कोली, दीपक कोली, तुषार कोली, भवन कोली, विनोद कोली, रामजी कोली, दीपक ईश्वर कोली, बाई कोली, मंजू कोली और जीतू कोली के रूप में की गई है।

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