सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने शनिवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल लेक्चर में चुनाव आयोग की कार्यशैली पर बात की। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव कराने वाले लोग उन्हीं लोगों पर निर्भर होने लगें जो चुनाव लड़ते हैं, तो ऐसी स्थिति में चुनाव निष्पक्ष नहीं रह पाएंगे।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने आगे कहा कि चुनाव आयोग, कॉम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाओं को राजनीतिक दबाव से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी संस्थाओं का स्वतंत्र रहना जरूरी है और ये विशेष काम के लिए बनाई गई हैं।

ज्ञानेश कुमार से नाराज है विपक्ष

जस्टिस नागरत्ना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई सवाल उठा चुका है। खासकर पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर चल रही प्रक्रियाओं पर विवाद के बीच इस बयान के मायने और बढ़ गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई संस्था पैसों के लिए सरकार पर निर्भर हो जाती है, तो वह धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से भी उसी पर निर्भर हो सकती है। उन्होंने वित्त आयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि इन संस्थाओं का काम सरकार के हाथ में पूरी आर्थिक ताकत केंद्रित होने से रोकना है।

संविधन को लेकर बड़ी टिप्पणी

संविधान को लेकर भी जस्टिस नागरत्ना ने महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि संविधान केवल तब खतरे में नहीं पड़ता जब लोगों के अधिकार छीने जाते हैं, बल्कि तब भी खतरा होता है जब देश की संस्थाएं कमजोर होने लगती हैं।