दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रविवार को स्वतंत्र भारद्वाज की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट अंजलि सिंह की अदालत में पेशी हुई। अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले में पुलिस ने अब एससी/एसटी एक्ट और आपराधिक धमकी देने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील उमेश शर्मा ने कहा, “उन्हें वर्चुअल रूप से पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। देखते हैं आगे क्या होता है। विपक्षी वकील की पूरी टीम की मौजूदगी और मौजूदा हालात को देखते हुए, हम यह कहेंगे कि उसकी (स्वतंत्र भारद्वाज) जान को खतरा है और पुलिस जिस तरह से पेश नहीं करा रही है। इसको देखते हुए हम इस मामले को मुख्य न्यायाधीश और सभी संबंधित अधिकारियों के ध्यान में लाएंगे ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उसको कैसे भी बचाया जाए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पॉलिटिकल प्रेसर में कहीं इसकी कुर्बानी न कर दें।”
स्वतंत्र भारद्वाज के एक अन्य वकील पीयूष जैन ने कहा कि पुलिस ने एक बार फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई। उन्होंने बताया कि अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। वकील के मुताबिक, सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज को एससी/एसटी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शनिवार को भारद्वाज को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया। जिन्होंने दिल्ली पुलिस को आरोपी से एक दिन की हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी। समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जून में जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता पर हुए कथित हमले के मामले में एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी के प्रावधान भी जोड़ दिए थे। भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो का मामला भी दर्ज किया गया है। भारद्वाज को शुक्रवार को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।
वकील ऋषव रंजन ने कहा, “इतने गंभीर मामले में सिर्फ एक दिन की कस्टडी क्यों मांगी गई? कौन-से चार्ज FIR में जोड़े गए हैं और क्या लिखा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं मिली है। आज भीड़ भी कम है और कोर्ट में भी शांति है। आराम से कोर्ट में पेश किया जा सकता था।” पढ़ें पूरी खबर।
