दिल्ली में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स और एक ढाबे से जुड़े कर्मचारियों द्वारा किए गए शारीरिक हमले के बाद मणिपुर मूल के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत ने पूर्वोत्तर समुदाय को झकझोर दिया है। 55 वर्षीय विक्रम सिंह की कथित तौर पर दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में आठ लोगों ने पीछा कर पिटाई की, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार, स्थानीय लोगों और पूर्वोत्तर समुदाय में गहरा आक्रोश है।

इस बीच विक्रम सिंह की पत्नी जोशना चोंगथम ने एक भावुक बयान जारी कर परिवार के दर्द को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि वह अब भी अपने पति को खोने की सच्चाई को स्वीकार करने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक, विक्रम केवल उनके पति ही नहीं थे, बल्कि उनके बच्चे के पिता, बेटे, भाई, संगीतकार और परिवार तथा दोस्तों के बेहद प्रिय व्यक्ति थे।

जोशना ने कहा कि पति की अचानक हुई मौत से परिवार को ऐसा नुकसान हुआ है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में परिवार को मिले देशभर के लोगों के समर्थन और संवेदनाओं के लिए आभार जताया। साथ ही दिल्ली पुलिस, नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिले सहयोग के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया।

‘हम बदला नहीं, न्याय चाहते हैं’

जोशना चोंगथम ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर निष्पक्ष जांच और दोषियों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराए जाने पर दिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार बदला लेने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि न्याय चाहता है।

उन्होंने कहा कि विक्रम की अपनी पहचान और परिवार था और उनकी जिंदगी बहुत महत्वपूर्ण थी। परिवार चाहता है कि उनकी यादों का सम्मान किया जाए, उनके दुख को समझा जाए और उन्हें इस मुश्किल समय से गरिमा के साथ जीने दिया जाए। साथ ही उन्हें इस मामले में न्याय मिलना चाहिए।

जोशना ने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के मुताबिक जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

‘मेरे परिवार को शांति और निजता में शोक मनाने दें’

पति की मौत से टूट चुकी जोशना ने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनका परिवार शांति और निजता के साथ शोक मनाना चाहता है। उन्होंने देशभर से मिले प्यार और चिंता के लिए लोगों का आभार जताते हुए कहा कि परिवार को आगे भी लोगों के प्यार, दुआओं और समर्थन की जरूरत है।

जोशना की अपील का सबसे भावुक हिस्सा वह था, जिसमें उन्होंने कहा कि विक्रम की मौत केवल उनके परिवार का नुकसान नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी घटना दोबारा किसी और परिवार के साथ न हो।

घटना की रात पड़ोसी ने सुनी थीं चीखें

विक्रम सिंह की मौत की रात की कहानी उनके पड़ोस में रहने वाली चंदन मिरोडा देवी के बयान से और भी स्पष्ट होती है। चंदन देवी ने बताया कि 6 सितंबर की रात वह अपने घर में सोने की तैयारी कर रही थीं, तभी उन्हें बाहर से चीखने-चिल्लाने और लोगों के शोर की आवाजें सुनाई दीं।

शोर सुनकर वह घबरा गईं। उन्होंने सीधे दरवाजा खोलने के बजाय पहले झरोखे से बाहर देखने की कोशिश की। जब काफी देर तक आवाजें आती रहीं तो वह छत पर चली गईं। चंदन देवी के मुताबिक, उन्होंने वहां दो लोगों को मोबाइल फोन पर बात करते देखा। वे लगातार किसी और को बुला रहे थे और बार-बार कह रहे थे- ‘इधर आओ, इधर आओ।’

Manipuri Musician
वह जगह जहाँ 6 सितंबर को चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने अपने घर के पास एक ढाबे पर शोर-शराबे की शिकायत की थी। (Express Photo by Abhinav Saha)

‘लगा कोई मामूली विवाद होगा’

चंदन देवी ने बताया कि उन्होंने उन लोगों से यह जानने की कोशिश की कि आखिर क्या हुआ है, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उस समय उन्हें लगा कि शायद आसपास कोई मामूली विवाद या कहासुनी हुई है।

उनकी बेटी भी उनके साथ थी, इसलिए उन्होंने बाहर जाकर मामले में हस्तक्षेप नहीं किया। इसके बाद वह वापस अपने घर चली गईं और सो गईं। लेकिन बाद में जब उन्हें पता चला कि उसी रात उनके पड़ोसी और मणिपुरी संगीतकार विक्रम सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी और उनकी मौत हो गई, तो वह स्तब्ध रह गईं।

आठ लोगों पर मारपीट का आरोप

जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर की रात दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में विक्रम सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि एक इमारत की सीढ़ियों के पास खाने-पीने की दुकान में काम करने वाले करीब आठ लोगों ने उनका पीछा किया और उनके साथ मारपीट की।

Chongtham Vikram Singh
दक्षिण दिल्ली के किलोकारी गाँव का यह वह ढाबा है, जहां से आरोपी आए थे । (Express Photo by Abhinav Saha)

‘विक्रम हमेशा मुस्कुराकर अभिवादन करते थे’

चंदन देवी ने विक्रम सिंह को एक शांत और मिलनसार व्यक्ति के रूप में याद किया। दोनों परिवार एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते थे और कई वर्षों से एक ही इमारत में रह रहे थे। उनके मुताबिक, विक्रम जब भी पड़ोसियों से मिलते थे तो मुस्कुराकर उनका अभिवादन करते थे। मणिपुर से जब उनका परिवार सब्जियां लेकर आता था, तो वे पड़ोसियों के साथ भी उन्हें शेयर करते थे।

चंदन देवी ने बताया कि वह विक्रम की पत्नी जोशना के साथ पहले काम भी कर चुकी हैं और उन्हें भी एक दयालु और अच्छे स्वभाव वाली महिला के रूप में जानती हैं। यही वजह है कि जिस व्यक्ति को वह वर्षों से एक शांत और मिलनसार पड़ोसी के रूप में जानती थीं, उसकी इस तरह मौत की खबर ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया।

घटना ने पूर्वोत्तर समुदाय में बढ़ाई चिंता

विक्रम सिंह की मौत के बाद दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। सोमवार रात कई लोगों ने सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन से विक्रम के घर तक कैंडल मार्च निकाला और न्याय की मांग की।

इस घटना के साथ दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी फिर सामने आया है। चंदन देवी ने बताया कि उन्हें खुद भी दिल्ली में कभी-कभी ‘चीनी’, ‘चिंकी’ और ‘मोमो’ जैसे अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में इस तरह के अनुभव बेहद पीड़ादायक हैं, खासकर तब जब पूर्वोत्तर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग शिक्षा, रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में दिल्ली आते हैं।

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दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार और म्यूजिक टीचर चोंगथाम विक्रम सिंह की पिटाई से हुई मौत की घटना पर अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए है। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक दीपके ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।