Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पेश किया। बजट पेश होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष ने इसे विकसित और सशक्त भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्ग विरोधी करार दिया है।

बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को सशक्त करता है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। उन्होंने आगे कहा, “भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी। जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म किए गए हैं, वो आकांक्षा से भरे हुए भारत के साहसिक, प्रतिभाशाली युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं।”

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “चौथा साल है जब हम सबसे ज्यादा विकास के दर के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ हमने महंगाई पर काबू पा लिया है। राजकोषीय घाटे का 4.5% का लक्ष्य था। इस बार हमने 4.4% पर समाप्त किया है। हम अगले साल उसे और नीचे लाएंगे 4.3% तक। इस साल हम लोग 11 लाख करोड़ का निवेश कर रहे हैं। अगले साल हमारा लक्ष्य 12 लाख करोड़ का है। हर क्षेत्र में इतिहास रचा जा रहा है। इस बजट में भविष्य का मानचित्र लिखा गया है।”

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को दावा किया कि केंद्रीय बजट में भारत के सामने मौजूद वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई। उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसा बजट जिसमें चीजों को दुरुस्त करने के बजाय वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, “युवाओं के पास नौकरी नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आसन्न वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया।”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हमें बहुत कम डिटेल्स मिलीं। 3-4 हेडलाइंस थीं, लेकिन हम ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद का इंतज़ार कर रहे थे। वह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे। हमारे यहां आयुर्वेद की बहुत पुरानी परंपरा है। लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना। हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने – वह केरल हो सकता है…लेकिन जब उन्होंने शिप रिपेयर की बात की, तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया लेकिन केरल का नहीं। यह थोड़ा हैरान करने वाला है। शायद बजट डॉक्यूमेंट में और डिटेल्स हों। मैंने अभी उसे पढ़ा नहीं है। स्पीच में बहुत कम डिटेल्स थीं।”

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद देना चाहूंगा। आज के बजट में देश के सर्वांगीण विकास के लिए और विकसित भारत के लिए मजबूत नींव बनाने का काम किया है। आज के बजट में उत्पादन पर फोकस किया गया है… IT सर्विसेज के लिए अच्छे कदम उठाए गए हैं… ऑरेंज इकोनॉमी के लिए क्रिएटर लैब बनाने के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। रेलवे के लिए 7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा हुई है।”

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर पोस्ट किया, “(बजट संबंधी) दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट (के भाषण के) बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा।” उन्होंने दावा किया, “भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई।”

केंद्रीय बजट 2026 पर सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, “ये गरीब किसान और गांव में रहने वाले लोगों के समझ से बाहर बजट है। ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकती है। नौकरी रोजगार दिए नहीं… सपने दिखाने वाले बजट है।”

केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “ये बहुत क्रांतिकारी बजट है। देश को सुंदर बनाने वाला बजट है। देश के हर वर्ग पर ध्यान दिया गया है। व्यापारी, उद्योगपति और मजदूरों पर ध्यान दिया गया है। ये सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय देने वाले बजट है।”

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट के लिए है। उन्होंने यह दावा भी किया, “यह बजट केरल के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। पिछले 10 वर्षों से केरल के लिए एम्स को लेकर वादे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं है।”

यह भी पढ़ें- Budget 2026-27: वित्त मंत्री के बजट भाषण की मुख्य बातें; जानें किस सेक्टर को क्या मिला

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “हम विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य है कि विकसित भारत 2047 हो। सरकार के पास सबसे बड़ा लक्ष्य है कि व्यापार को बढ़ाया जाए और आम लोगों को सुविधा दी जाए… पूरा बजट में AI, इलेक्ट्रॉनिक्स को कैसे बढ़ावा देना है, कस्टम ड्यूटी को कैसे कम करना है इस पर केंद्रीत था।”

बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, “ये बहुत ही प्रगतिशील बजट है। विकसित भारत का रास्ता स्पष्ट करता है… मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अभिनंदन करता हूं। ये विकासशील बजट है। देश की प्रगति को और आगे बढ़ाएगा।”

यह भी पढ़ें- बजट 2026: बीजेपी ने पांच चुनावी राज्यों के लिए कोई बड़ा राजनीतिक संदेश क्यों नहीं दिया?