US-Israel-Iran War Ceasefire News: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को अमेरिका-ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम समझौते के बाद पश्चिम एशिया क्षेत्र में जल्द ही शांति लौटने का विश्वास व्यक्त किया। अब्दुल्ला ने कहा कि संघर्ष को सुलझाने का एकमात्र रास्ता संवाद ही है।

मीडिया से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मैं अल्लाह का शुक्र अदा करता हूं कि उसने अमेरिका और ईरान दोनों देशों को बातचीत की मेज पर बैठने की ताकत दी। क्योंकि बातचीत के बगैर कोई भी रास्ता नहीं है। लड़ाई किसी भी चीज का हल नहीं है। इसलिए मैं अपनी तरफ से और अपने लोगों की तरफ से मुबारकबाद देता हूं। मैं अल्लाह से दुआ करता हूं कि इन देशों के बीच अमन की बात हो और अमन आना चाहिए। हालत यह है कि अगर जंग और बढ़ेगी तो तकलीफें भी बहुत बढ़ जाएंगी।”

उम्मीद है भारत इस युद्ध को खत्म कराने में मदद करेगा- अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा, “ऊर्जा सोर्स दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अल्लाह ने उन्हें ये संसाधन दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के कई लोग उस क्षेत्र में काम करते हैं। कई लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हमें उम्मीद है कि भारत इस युद्ध को समाप्त करने में मदद करेगा। पश्चिम एशिया में काम करने वाले कई लोग अपने घर पैसे भेजते हैं। मुझे उम्मीद है कि भारत इसमें मदद करेगा। हम अमेरिका के मित्र हैं।”

इस युद्ध से इजरायल को भी नुकसान हो रहा- फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “इस युद्ध में इजरायल को भी नुकसान हो रहा है, उसे भी बख्शा नहीं गया है। वहां भी तबाही मची है, जिसे लड़ाई से कम नहीं किया जा सकता और यह कब तक जारी रहेगा।”

फिलिस्तीन के मु्द्दे पर अचानक बदल गया भारत का रुख- फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत ने हमेशा फिलिस्तीन के मुद्दे का समर्थन किया है, लेकिन अचानक देश का रुख बदल गया है, जो देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “हम सदियों से फिलिस्तीन के मुद्दे का समर्थन करते आ रहे थे क्योंकि यह एक न्यायसंगत मुद्दा है। अचानक हमने अपना रुख बदल लिया। यह हमारे राष्ट्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।”

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल दो हफ्तों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम रहेगा, यानी न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। ईरान ने भी इसकी पुष्टि की है।

हालांकि, इसके साथ एक अहम शर्त भी रखी गई है कि ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा, ताकि वहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने कई सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और अब बातचीत के जरिए स्थायी समाधान निकालने पर ध्यान दे रहा है।

भारत ने जारी की एडवाइजरी

तेहरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार (8 अप्रैल 2026) को एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा गया है। बेहतर कॉर्डिनेशन और आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्तों के युद्धविराम के ऐलान के बाद भारत की तरफ से अपने नागरिकों के लिए यह एडवाइजरी जारी की गई है। पढ़ें पूरी खबर…