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”सेना को इंसानी जिंदगी की परवाह है, मगर कुछ बातें कश्‍मीरी युवाओं को हथियार उठाने पर मजबूर कर रही हैं”

सेनाध्‍यक्ष ने कहा कि गलत जानकारियां घाटी के युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसा रही हैं।

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत। (PTI Photo by Manvender Vashist)

जम्‍मू-कश्‍मीर में तनाव को कम करने के लिए सेना सभी जरूरी कदम उठा रही है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार (17 जून) को कहा कि हालात काबू में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि सेना लोगों की जान की परवाह करती है और यह सुनिश्चित करेंगे कि मानवाधिकारों का उल्‍लंघन न हो। जनरल रावत ने कहा, ”दक्षिणी कश्‍मीर के कुछ हिस्‍से समस्‍याग्रस्‍त हैं। हालात काबू में लाने के लिए वहां पर जरूरी एक्‍शन लिया जा रहा है। हमें इंसानी जिंदगी की परवाह है और मानवाधिकारों का उल्‍लंघन न होना सुनिश्चित‍ किया जाएगा।” जब पत्रकारों ने घाटी में सेना के अफसरों में पत्‍थर फेंकने वाले बच्‍चों पर सवाल किया तो उन्‍होंने कहा कि सेना ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित है। उन्‍होंने जोर देकर कहा, ”हम ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ट्रेन्‍ड हैं। हम मानव-अधिकारों में पूर्ण रूप से विश्‍वास रखते हैं।” सेनाध्‍यक्ष ने कहा कि गलत जानकारियां घाटी के युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसा रही हैं। उन्‍होंने कहा, ”कुछ गलत जानकारिया जेएंडके के लोगों के बीच फैलाई जा रही हैं और शायद इसी वजह से युवा पीढ़ी हथियार उठा रही हो।” सेनाध्‍यक्ष का बयान ऐसे वक्‍त में आया है जब नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता छात्रों पर पेलेट गन्‍स के इस्‍तेमाल के खिलाफ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में सेना प्रमुख ने ऐलान किया था कि लड़ाई में अब महिला सैनिकों को भी शामिल किया जाएगा।

श्रीनगर और कश्मीर के अन्य हिस्सों में प्रशासन ने शनिवार को प्रतिबंध लगा दिया। यह प्रतिबंध अलगाववादियों द्वारा आहूत प्रदर्शनों के मद्देनजर लगाया गया है। श्रीनगर जिला मजिस्ट्रेट फारुक अहमद लोन ने बताया कि रैनवाड़ी, खानयार, नौहट्टा, एम.आर.गंज और सफा कदल में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिसबल (सीआरपीएफ) के जवानों की भारी तैनाती की गई है। बारामूल और बनिहाल के बीच रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। कश्मीर विश्वविद्यालय में शनिवार को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

दुकानों, सार्वजनिक परिवहन के साधन और शैक्षणिक संस्थान भी शुक्रवार को बंद रहे। लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जुनैद मट्टू और उसके सहयोगी की अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई थी। सुरक्षाबलों की गोलीबारी में प्रदर्शन कर रहे दो लोगों की मौत हो गई थी, ये प्रदर्शनकारी मुठभेड़ स्थल का घेराव कर रहे सुरक्षाबलों पर पथराव कर रहे थे। इन प्रदर्शनों में दो दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हुए।

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