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45 साल से ज्यादा उम्र? जानें कैसे मिलेगा कोरोना का टीका, CoWin ऐप पर लेना होगा अपॉइंटमेंट

केंद्र सरकार के मुताबिक, वैक्सिनेशन के दूसरे फेज में 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों और 45 साल से ज्यादा उम्र के उन लोगों को टीका लगाया जाएगा, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: February 25, 2021 8:46 AM
corona virus, covid-19,सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की कोरोनावायरस वैक्सीन में मरीजों को नहीं मिलेगा विकल्प (फोटो सोर्सः एजेंसी)

केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को एक मार्च से कोरोनावायरस की वैक्सीन लगाई जाएगी। यह सुविधा सरकारी केंद्रों पर निशुल्क दी जाएगी। वहीं, निजी क्लिनिकों एवं केंद्रों पर उन्हें इसके लिए पैसे चुकाने पड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के अगले चरण के अभियान को लेकर निर्णय किया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस श्रेणी में लोगों को 10 हजार सरकारी केंद्रों पर निशुल्क टीका लगाया जायेगा। मंत्री ने कहा कि 20 हजार निजी क्लिनिकों या केंद्रों पर टीका लगवाने वालों को शुल्क देना होगा।

‘निजी क्लिनिक के लिए टीके की कीमत अभी तय नहीं’: जावड़ेकर ने कहा कि निजी क्लिनिक में लगने वाले टीके का शुल्क कितना होगा, इसके बारे में विचार विमर्श करने के बाद स्वास्थ्य विभाग दो-तीन दिनों में घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर निशुल्क टीका लगाने के लिये भारत सरकार जरूरी खुराक खरीदेगी और राज्यों को उपलब्ध कराएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या लोगों को कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से टीका चुनने का विकल्प होगा, केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने दो टीकों को मंजूरी दी है और दोनों टीके प्रभावी हैं और उनकी क्षमता सिद्ध है।’’

किस बीमारी से पीड़ित लोगों को पहले मिलेगी वैक्सीन: मीडिया ग्रुप एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि दो दिन के अंदर ही इस पर फैसला होगा कि किस बीमारी से ग्रसित लोगों को पहले कोरोना का टीका लगेगा। हालांकि, माना जा रहा है कि पहले दिल, गुर्दे, फेफड़े और लिवर की परेशानी से जूझ रहे लोगों को यह वैक्सीन मिलेगी। साथ ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर, दमा और मानसिक रूप से बीमार लोगों को टीका पहले लगाया जाएगा। इसके अलावा जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है और जिन लोगों के अंग, बोन मैरो या स्टेम सेल का ट्रांसप्लांट हो चुका है, वे भी दूसरे चरण में टीका लगवाने वालों की श्रेणी में रखे जा सकते हैं।

कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?: बताया गया है कि केंद्र सरकार टीकाकरण अभियान के लिए CoWin ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाएगी। इसके जरिए मरीज अपने वैक्सिनेशन सेंटर की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। बता दें कि अब तक यह ऐप सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए नहीं उतारी गई है। सूत्रों का कहना है कि आम जनता के लिए रिलीज किए जाने के बाद लोगों को इसमें अपनी जानकारी के साथ रजिस्टर करना होगा। उन्हें अपने आधार कार्ड, किसी फोटो आईडी और साइन कराए हुए मेडिकल सर्टिफिकेट की कॉपी अपलोड करनी होगी।

टीकाकरण के लिए लोगों से एक पन्ने का फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें उन्हें अपनी मेडिकल कंडीशन की पुष्टि करनी होगी और फिर इसे किसी सामान्य चिकित्सक से साइन कराना होगा। टीका लगवाने से पहले उन्हें यही फॉर्म वैक्सिनेशन सेंटर में देने होंगे। अभी तक यह साफ नहीं है कि दूसरे चरण के टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होगा, पर इसके लिए जल्द ही राज्यों को जानकारी दी जाएगी।

पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों-फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगे टीके: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में 1.23 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीके की खुराक दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तीन सदस्यीय बहु-विशेषज्ञता वाले दलों का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ ये दल राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में बढ़े कोविड-19 के मामलों के कारण का पता लगाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे।’’

सात राज्यों को केंद्र सरकार ने लिखी चिट्ठी: कुछ देशों में मिले वायरस के नए स्वरूप के मद्देनजर केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी आगाह किया कि सख्त पाबंदी में किसी तरह की ढिलाई से हालात जटिल हो सकते हैं। देश में बुधवार को छह दिनों में तीसरी बार संक्रमण के 13,000 से ज्यादा मामले आए।

केंद्र ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को पत्र लिखा है, जहां कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं और आरटी-पीसीआर जांच के अनुपात में कमी आई है। पत्र में, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए कड़े उपायों उठाने पर ध्यान देने और आरटी-पीसीआर परीक्षण बढ़ाकर संक्रमित लोगों की पहचान करने को कहा है। देश में 1,46,907 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 1.33 प्रतिशत है।

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