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टीवी पर जम्‍मू-कश्‍मीर को भारत का अभिन्‍न अंग नहीं कहा तो भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कम्‍युनिस्‍ट कविता कृष्‍णन को कहा ‘देशद्रोही’

बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा पैनलिस्‍ट्स के मुंह से 'कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है' कहलवाने पर अड़ गए।

संबित पात्रा और कविता कृष्‍णन एक टीवी चैनल पर आयोजित बहस में हिस्‍सा लेने पहुंचे थे।

रामजस कॉलेज में बीते दिनों हुई हिंसा पर एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित लाइव बहस में बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा और महिला वामपंथी एक्टिविस्‍ट कविता कृष्‍णन के बीच तीखी बहस हुई। 27 फरवरी को आज तक चैनल ने अपने कार्यक्रम ‘हल्‍ला बोल’ में पूरे मुद्दे पर चर्चा के लिए कई नेताओं को बुलाया था। संबित बहस के दौरान दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ दिनेश वार्ष्‍णेय से उलझ गए। दिनेश ने जब बोलना शुरू किया तो पात्रा ने कई बार टोकाटाकी करने की कोशिश की, इस पर वह भड़क गए और कहा, ”ये मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं, मैं भी इनको नहीं बोलने दूंगा। राष्‍ट्रवाद को लेकर शुरू हुई बहस में जब संबित पात्रा ने जेएनयू छात्र उमर खालिद व पैनल में मौजूद वामपंथी सदस्‍यों को चुनौती देते हुए कहा कि वह सिर्फ यह बोल दें कि ‘जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है।’ इसपर जब कविता ने आपत्ति जताई तो संबित बेहद आक्रामक लहजे में बोले, ”क्‍यों नहीं बोलना पड़ेगा, बोलो आप यहां पर कि जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है। बिना इसके डिबेट आगे बढ़ेगा नहीं। आप कश्‍मीर को भारत का हिस्‍सा ही नहीं मानते। देशद्रोही हैं ये, देशद्रोही हैं कविता कृष्‍णन जो जम्‍मू-कश्‍मीर को हिंदुस्‍तान का हिस्‍सा नहीं मानतीं।”

कविता ने भी लहजा सख्‍त करते हुए कहा, ”देशद्रोह नहीं है। आप बात को एबीवीपी की गुंडागर्दी से मोड़कर कश्‍मीर की तरफ मत ले जाइए। यूनिवर्सिटी में पत्‍थर चलाना कहां का राष्‍ट्रवाद है? बलात्‍कार की धमकियां देना कहां का राष्‍ट्रवाद है? ये मुझे बता दीजिए। आप फालतू गाली दे रहे हैं।” सारे पैनलिस्‍ट्स अपनी बात एक साथ रखने लगते हैं और शोर होने लगता है। इसके बाद फिर संबित पात्रा बोलते हैं, ‘धिक्‍कार है, ऐसे देशद्रोहियों पर। इन्‍हें यहां क्‍यों बिठाया है।”

पूरी बहस यहां देखें:

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और शहला राशिद के विरोध की संस्कृति विषय पर बोलने के आमंत्रण को रद्द किए जाने को लेकर वामपंथ से जुड़े आइसा और आरएसएस समर्थित एबीवीपी के बीच झड़प व मारपीट हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।

इसे लेकर डीयू स्‍टूडेंट गुरमेहर कौर ने सोशल मीडिया पर एबीवीपी के खिलाफ अभियान छेड़ दिया, जिसके बाद मामले में तूल पकड़ लिया। विवाद ज्‍यादा बढ़ गया तो मंगलवार को गुरमेहर ने पूरे आंदोलन से खुद को अलग कर लिया।

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