वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को अपने लगभग एक तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इस छंटनी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर को भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। ईशान ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। प्रतिष्ठित अखबार ने छंटनी के साथ ही खेल डेस्क बंद कर दी, कई विदेशी कार्यालय निलंबित कर दिए और समाचार पत्रों से जुड़े कवरेज खत्म कर दिए।

X पर एक पोस्ट में ईशान थरूर ने कहा कि नौकरी से निकाले जाने पर उनका दिल टूट गया है और उन्होंने अपने उन साथियों के साथ एकजुटता जताई जिन्हें इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “आज मुझे वाशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है, मेरे साथ-साथ अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारी और कई अन्य शानदार सहकर्मी भी निकाले गए हैं। मैं अपने न्यूज़ रूम और विशेष रूप से उन बेमिसाल पत्रकारों के लिए बहुत दुखी हूँ जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की सेवा की, संपादक और संवाददाता जो लगभग 12 वर्षों से मेरे मित्र और सहयोगी रहे हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।”

एक दूसरी पोस्ट में ईशान थरूर ने खाली न्यूज़ रूम की तस्वीर साझा करते हुए कहा, “आज का दिन खराब रहा।” वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को कंपनी में पुनर्गठन किया जिसके बाद बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की गयी, जिसमें मौजूदा स्पोर्ट्स डेस्क को बंद करना (हालांकि, खेल से जुड़े फीचर आर्टिकल किए जाएंगे) और अपनी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग के दायरे को कम करना शामिल है। फॉक्स न्यूज के अनुसार, छंटनी से कंपनी के एक तिहाई कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

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संसद भवन की सीढ़ियों पर फिसले शशि थरूर

वहीं, दूसरी ओर बुधवार को बजट सत्र के दौरान ईशान के पिता शशि थरूर संसद भवन की सीढ़ियों पर फिसल गए। हालांकि, इसमें उन्हें कोई चोट नहीं आयी। इसके बाद थरूर ने X पर लिखा, “जिस दीये को, तूफां में जलना होगा, उसे संभल-संभल के चलना होगा। I am okay”

सीढ़ियों पर ही खड़े समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने शशि थरूर को गिरता देख तुरंत उनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाया। कांग्रेस नेता ने इसके लिए भी आभार जताते हुए पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “अखिलेश यादव, इमरान मसूद और अन्य लोगों का धन्यवाद जिन्होंने मेरी मदद की जब मैं लंगड़ाते हुए वहां से निकला।

संसद की सीढ़ियों से उतरते समय एक सीढ़ी छूट जाने से मैं थोड़ा लड़खड़ा गया। अभी भी थोड़ा दर्द है लेकिन मुझे नहीं लगता कि कुछ टूटा है, बस टखने में मोच आ गई है और उंगलियों के जोड़ों में हल्की चोट आई है। उम्मीद है, दो-तीन दिन में ठीक हो जाऊंगा। शाम 4 से 7:30 बजे तक मैंने अपने घर के दफ्तर में कई बैठकें कीं (जिनमें दो राजदूतों की बैठकें भी शामिल थीं) और मेरा पैर एक स्टूल पर टिका हुआ था। कल एक्स-रे करवाकर पुष्टि करूंगा कि कोई फ्रैक्चर तो नहीं है। बस कुछ जगहों पर दर्द है, साथ ही मेरे ईगो को भी ठेस पहुंची है।”

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