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हरियाणा: हेल्‍थ मिनिस्‍टर ने कहा था गेट आउट, आदेश न मानने वालीं महिला आईपीएस का ट्रांसफर

जिले में गैरकानूनी ढंग से बिक रही शराब पर पाबंदी लगाने के लिए पुलिस की कोशिशों को लेकर महिला आईपीएस अफसर ने जो सफाई दी, वो मंत्री जी को पसंद नहीं आया।
Author चंडीगढ़ | November 28, 2015 17:05 pm
एक जनसुनवाई के दौरान मंत्री और महिला आईपीएस अफसर के बीच बहस हुई थी। मंत्री ने अफसर को बाहर जाने को कहा, लेकिन महिला अफसर ने इनकार कर दिया। इसके बाद मंत्री मीटिंग छोड़कर चले गए।

हरियाणा के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री अनिल विज के गेटआउट कहने के बाद मीटिंग रूम छोड़ने से इनकार करने वालीं फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया को पद से हटाकर उनका ट्रांसफर कर दिया गया है। मंत्री और अफसर के बीच शुक्रवार को एक जनसुनवाई के दौरान बहस हो गई थी। जिले में गैरकानूनी ढंग से बिक रही शराब पर पाबंदी लगाने के लिए पुलिस की कोशिशों को लेकर महिला आईपीएस अफसर ने जो सफाई दी थी, वो मंत्री जी को पसंद नहीं आया। उन्‍होंने आईपीएस अफसर को मीटिंग से बाहर जाने के लिए ‘गेट आउट’ कहा। अफसर ने इससे इनकार कर दिया था। आदेश न माने जाने से नाराज विज मीटिंग छोड़कर चले गए थे। विज ने यह भी कहा था कि वे अफसर के बर्ताव की सीएम खट्टर से शिकायत करेंगे।

मामले पर राजनीति शुरू
इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी दिग्‍व‍िजय सिंह ने बुधवार को कहा, ”यह बीजेपी नेताओं का अक्‍खड़पन दिखाता है। अगर इस पर रोक नहीं लगी तो ऐसा आगे भी होता रहेगा।” हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने विज के बर्ताव की आलोचना करते कहा कि उच्‍च पदों पर बैठे लोगों को अपने बयानों के प्रति जिम्‍मेदार होना चाहिए। उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्‍य की खट्टर सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है, जिसका गुस्‍सा इस तरह से निकाला जा रहा है। वहीं, आईपीएस अफसर और सोशल एक्‍ट‍िविस्‍ट अमिताभ ठाकुर ने महिला आईपीएस अफसर की तारीफ करते हुए कहा कि संगीता ने यूनिफॉर्म की गरिमा बनाए रखी। अमिताभ ठाकुर के मुताबिक, इस घटना से एक बार फिर यह साबित हो गया कि किस तरह से बहुत सारे राजनेता सीनियर अफसरों का अपमान करते रहते हैं।

क्‍या है मामला?
घटना शुक्रवार को फतेहाबाद जिले में हुई, जहां मंत्री, जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस लोगों की समस्‍याएं सुन रहे थे। एक एनजीओ ने जिले में गैरकानूनी ढंग से बिक रही शराब के बुरे असर का मुद्दा उठाया। एनजीओ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस शिकायत पर प्रतिक्र‍िया देते हुए फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया ने शिकायतकर्ता से कहा कि वे उससे कभी नहीं मिलीं और उसे उनसे शिकायत करनी चाहिए थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने संबंधित थाने के इनचार्ज को इस बारे में जानकारी दी थी। हालांकि, एसपी पुलिस का लगातार बचाव करती रहीं। इसके बाद, एसपी और मंत्री अनिल विज के बीच गर्मागर्म बहस हुई।

क्‍या कहना है मंत्री का?
मंत्री अनिल विज ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में कहा, ”मैं इस मीटिंग की अध्‍यक्षता कर रहा था। इससे पहले, जब भी मैं फतेहाबाद गया हूं, लोगों ने जिले में शराब की गैरकानूनी बिक्री की समस्या मेरे सामने रखी है। मेरे लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद पुलिस ने प्रभावशाली कदम नहीं उठाए। आज भी जब मैंने जिले की एसपी से सवाल किए, तो उन्‍होंने पुलिस का बचाव करना शुरू कर दिया। उन्‍होंने तो उल्‍टे सरकार पर ही आरोप लगा दिया कि राज्‍य सरकार ही शराब बिक्री को बढ़ावा देती है। मैंने उनसे कहा कि उनकी प्रतिक्रिया से पता चलता है मानो पुलिस ही शराब की बिक्री में मदद कर रही है। इसके जवाब में उन्‍होंने कहा कि वे शराब बेचने वालों को गोली नहीं मार सकतीं। वे लोगों की समस्‍याएं सुनने और उन्‍हें कार्रवाई का आश्‍वासन देने तक के मूड में नहीं थीं, इ‍सलिए मैंने उन्‍हें मीटिंग रूम से जाने को कहा। जब उन्‍होंने मेरे निर्देश मानने से इनकार कर दिए तो मैं बाहर चला आया। मैं मुख्‍यमंत्री से उनके बर्ताव को लेकर शिकायत करूंगा।” उधर, आईपीएस अफसर संगीता कालिया ने इस पूरे मामले पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। संपर्क किए जाने पर उन्‍होंने कहा, ”मैं इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहना चाहूंगी। जो कुछ हुआ है, वो लोगों के सामने हुआ है और उसके वीडियो फुटेज भी उपलब्‍ध हैं।”

सोशल मीडिया पर पहुंचा मामला
विज और कालिया के बीच हुई इस बहस का मामला सोशल मीडिया पर भी उछला। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कई ऐसे वीडियो पोस्‍ट किए गए, जिसमें मंत्री और आईपीएस अफसर के बीच हुई बहस को सुना जा सकता है। वीडियो फुटेज में दिखता है कि संगीता कालिया शुरू में शराब बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार पर दोष लगाती हैं। हालांकि, जब विज ने इसका विरोध किया तो उन्‍होंने लोगों के सामने साफ किया, ”मेरा मतलब यह है कि यह सरकार है जो शराब बेचने का लाइसेंस देती है।” हालांकि, इससे मंत्री संतुष्‍ट नहीं हुए, और उन्‍होंने अफसर को ‘गेट आउट’ कहा। उन्‍होंने वहां मौजूद अन्‍य सदस्‍यों को भी मीटिंग खत्‍म करने को कहा और कमरे के बाहर चले गए। वीडियो में यह भी दिखता है कि संगीता ने मंत्री को बताने की कोशिश की कि पुलिस ने आखिरी दस महीनों में गैरकानूनी ढंग से शराब बेचने वालों के खिलाफ 2500 से ज्‍यादा मामले दर्ज किए। हालांकि, विज ने उनका विरोध करते हुए कहा कि यह पुलिस की ड्यूटी है कि इस समस्‍या को पूरी तरह खत्‍म किया जाए। इसके बाद भी जब संगीता ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराना जारी रखा, विज ने आपा खो दिया और उन्‍हें कमरे से निकल जाने को कहा।

मंत्रियों और अफसरों में अनबन?
ऐसा पहली बार नहीं है, जब विज और राज्‍य पुलिस के अफसरों के बीच तकरार हुई हो। कुछ महीने पहले ही विज ने कथित तौर पर हरियाणा पुलिस के सीआईडी विंग के एक इंस्‍पेक्‍टर को यह कहते हुए पकड़ा था कि वो उनकी जासूसी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि आईपीएस अफसरों के एक धड़े ने कुछ कैबिनेट मंत्रियों और एमएलए की मुख्‍य सचिव से शिकायत की है। हालांकि, मुख्‍य सचिव डीएस देसाई ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हरियाणा के कई एमएलए और कैबिनेट मंत्रियों ने भी राज्‍य के कुछ आईएएस और आईपीएस अफसरों के बर्ताव को लेकर शिकायत की है।

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  1. M
    mehboob
    Dec 26, 2015 at 8:05 am
    अनिल विज बाप्पू आशाराम का भाई लगताःहै
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    Reply
    1. Sanjay Desai
      Nov 27, 2015 at 4:31 pm
      A lady SP telling a minister in public "Why should I get out?" and then the minister ends up getting himself out. Where would you find a better example of freedom of expression. Can this happen in UP?
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      Reply