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व्यापमं: भंडाफोड़ करने वाले विसलब्लोअर डॉक्टर का तबादला

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं मामले के विसलब्लोअर व सरकारी चिकित्सक डॉ. आनंद राय का इंदौर से धार तबादला कर दिया है, जबकि दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट...

Author July 21, 2015 09:31 am
विसलब्लोअर व सरकारी चिकित्सक डॉ. आनंद राय

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं मामले के विसलब्लोअर व सरकारी चिकित्सक डॉ. आनंद राय का इंदौर से धार तबादला कर दिया है, जबकि दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने इस घोटाले से संबंधित सभी मामलों को सीबीआइ को सौंपे जाने तक मध्यप्रदेश पुलिस की एसआइटी व एसटीएफ को आरोपपत्र दायर करने की अनुमति प्रदान कर दी। इस बीच सीबीआइ ने घोटाले में एसटीएफ जांच का सामना कर रहे फार्मासिस्ट विजय सिंह पटेल की रहस्यमयी स्थितियों में मौत की प्रारंभिक जांच के लिए सोमवार को मामला दर्ज किया।

राय का तबादला उस वक्त किया गया जब उन्होंने कुछ दिन पहले ही सीबीआइ के पास भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। डॉ. राय की पत्नी भी सरकारी चिकित्सक हैं और सरकार ने महू के सिविल अस्पताल से उनका तबादला पिछले माह ही उज्जैन जिला अस्पताल में कर दिया था। राज्य शासन के चिकित्सा विभाग के इंदौर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में डॉ. राय अब तक पदस्थ थे।

राय ने आरोप लगाया था कि वर्मा ने अपनी पहुंच और राजनीतिक ताकत का उपयोग कर गाजियाबाद के निजी संतोष मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स कर रही अपने बेटी का भोपाल के सरकारी गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में तबादला कराया था। राय ने कहा, ‘चूंकि मैने व्यापमं घोटाला उजागर किया और वर्मा के खिलाफ गत 17 जुलाई को सीबीआइ से शिकायत की थी, इसलिए मुझे परेशान किया जा रहा है। जो लोग गलत काम कर रहे हैं, वही प्रदेश को चला रहे हैं।’

इस बीच प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्र व न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने सीबीआइ के इस आवेदन पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 24 जुलाई तय कर दी जिसमें राज्य पुलिस की जांच एजंसियों को घोटाले से जुड़े मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जाने की अनुमति मांगी गई थी।

सीबीआइ ने 16 जुलाई को इस आग्रह के साथ शीर्ष अदालत से संपर्क किया था कि व्यापमं घोटाले से जुड़े 185 से अधिक मामलों को एसआइटी से सीबीआइ को सौंपे जाने में समय लगेगा और राज्य की जांच एजंसियों को उन मामलों में आरोपपत्र दायर करने की अनुमति दी जाए जिनमें जांच पूरी हो चुकी है।

जांच एजंसी ने कहा था, ‘अन्यथा, आरोपियों को तय समय में आरोपपत्र दायर नहीं होने के आधार पर जमानत मिल जाएगी।’ सुप्रीम कोर्ट ने नौ जुलाई को व्यापमं घोटाले से जुड़े सभी मामलों और कथित तौर पर इससे जुड़ी मौतों के मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने का आदेश दिया था।

सोमवार को सीबीआइ ने इस घोटाले में एसटीएफ जांच का सामना कर रहे फार्मासिस्ट विजय सिंह पटेल की रहस्यमयी स्थितियों में मौत की प्रारंभिक जांच के लिए मामला दर्ज किया। सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि पटेल एक ‘कथित ठग’ था जो जमानत पर था। वह छत्तीसगढ़ के कांकेर में 28 अप्रैल को एक लॉज के कमरे में मृत पाया गया। पटेल व्यापमं मामलों के अनेक उच्च स्तरीय संदिग्धों के साथ कथित रूप से जुड़ा हुआ था और तीन मामलों में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) उसकी भूमिका की जांच कर रहा था।

माना जाता है कि वह अपनी पत्नी से मिलने कांकेर गया था। इसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं रहा। उसका शव एक लॉज में पाया गया जिसे कथित रूप से सत्तारूढ़ पार्टी का एक सदस्य चलाता है। सीबीआइ का कहना है कि जांच यह निर्धारित करने के लिए की जा रही है कि उसकी मौत का कोई रिश्ता कथित घोटाले से है या नहीं।

सरकार की सफाई

तबादले से बेफिक्र डॉ. राय ने कहा कि वह अपने तबादले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि राय का तबादला एक नियमित तौर पर होने वाली प्रक्रिया है। स्वास्थ्य आयुक्त पंकज अग्रवाल ने कहा, ‘राय धार में तैनात थे लेकिन इंदौर स्थित विभाग में अटैच थे। सरकार ने इस तरह के सभी अटैचमेंट को खत्म कर दिया है। यह आम बात है।’

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