ताज़ा खबर
 

वीसी ने कहा- अल्पमत से बना था संविधान, भाषण रिकॉर्ड करने वाले छात्र को यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला

शुरुआती पड़ताल में यह साबित हुआ है कि छात्र ने वीडियो बनाया और प्रसार किया जिसमें चक्रवर्ती कथित रूप से भारतीय संविधान, संसद की सर्वोच्चता, संशोधित नागरिकता कानून पर टिप्पणी कर रहे हैं।

विश्व भारती विश्वविद्यालय में वीसी का भाषण रिकॉर्ड करने वाले छात्र को यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला गया। (फाइल फोटो)

विश्व भारती विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक छात्र को 24 घंटे के अंदर छात्रावास का कमरा छोड़ने को कहा है। यह मामला गणतंत्र दिवस पर परिसर में ध्वजारोहण के दौरान कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती का कुछ टिप्पणियां करते हुए वायरल वीडियो से जुड़ा हुआ है। विश्व विद्यालय प्रशासन का आरोप है कि उक्त छात्र ने ही कुलपति के गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण को रिकॉर्ड किया है। उस भाषण में सुना जा सकता है कि कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में कथित रूप से संविधान पर टिप्पणी कर रहे हैं।

चक्रवर्ती क्लिप में कहते सुने जा रहे हैं, “आज, जो सीएए का विरोध कर रहे हैं वे संविधान की प्रस्तावना पढ़ रहे हैं। लेकिन यह संविधान `अल्पसंख्यक’ मतों द्वारा तैयार किया गया था। केवल 293 लोग संविधान सभा में मिले और संविधान का मसौदा तैयार किया। यदि आप उस समय के पत्र पढ़ते हैं, तो आप पाएंगे कि कई लोगों ने इसका विरोध किया। अब वह हमारे लिए वेद बन गया है। प्रस्तावना वेद बन गई है। लेकिन अगर हमें (प्रस्तावना) पसंद नहीं है तो हम, जो मतदाता हैं और संसद बनाते हैं, इसे बदल देंगे।”

वीसी का यह भाषण वायरल होने लगा और इस पर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद सुरक्षा विभाग को परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए कहा गया था। इतिहास विभाग में स्नातक की पढ़ाई कर रहे एक छात्र को अपने स्मार्टफोन पर वीसी के भाषण को रिकॉर्ड करते हुए देखा गया। सोमवार रात को छात्र से अधिकारियों ने पूछताछ की और हॉस्टल छोड़ने के लिए नोटिस दिया। फिलहाल वह छात्र अपने घर लौट गया है। छात्र का कहना है कि अब वह और अधिक विवाद में नहीं पड़ना चाहता है।

वहीं इस मामले पर विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बीए इतिहास के छात्र बिज्जू सरकार से पुर्बापल्ली छात्रावास का कमरा खाली करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती पड़ताल में यह साबित होता है कि इस छात्र ने वो वीडियो बनाया और प्रसार किया जिसमें चक्रवर्ती कथित रूप से भारतीय संविधान, संसद की सर्वोच्चता, संशोधित नागरिकता कानून पर टिप्पणी कर रहे हैं। कुलपति ने यह टिप्पणी छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में की थी। केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने मंगलवार को सरकार को एक पत्र दिया था।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 पहले फेसबूक पर लिखा शाहीन बाग का खेल खत्म; फिर चलाई गोली
2 बांग्लादेश से आई नरेंद्र मोदी को चिट्ठी- लोगों को बांटिए मत, भारत की धर्मनिरपेक्ष परंपरा याद रखिए
3 पाकिस्तान को धूल में मिलाने के लिए 10 दिन से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, पीएम मोदी ने चेताया- तीन युद्ध हारकर भी नहीं सुधरे!