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भ्रष्‍टाचार के आरोप में घिरे जेटली के बचाव में उतरे गंभीर और सहवाग, कीर्ति आजाद आज करेंगे प्रेस कॉन्‍फ्रेंस

भारत की ओर से 104 टेस्ट खेलने वाले सहवाग ने कहा, 'डीडीसीए में कुछ अन्य से बात करना बुरे सपने की तरह था, लेकिन जेटली मुश्किल के समय हमेशा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध रहते थे।’

Author नई दिल्‍ली | December 20, 2015 2:50 PM
फिरोजशाह कोटला पर अपने परिवार के साथ वीरेंद्र सहवाग। (पीटीआई फोटो)

भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के पूर्व अध्यक्ष अरूण जेटली को रविवार को राज्य के दो सबसे बड़े स्टार क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का समर्थन मिला। 2013 तक 13 साल डीडीसीए के प्रमुख रहे केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली पर दिल्ली की आप सरकार ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार ने मांग की है कि स्वतंत्र जांच के लिए जेटली इस्तीफा दें या उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए। गंभीर ने ट्वीट किया, ‘‘डीडीसीए में भ्रष्टाचार के लिए अरूण जेटली को दोषी ठहराना बिलकुल सही नहीं है। वही वह व्यक्ति हैं जिन्होंने टैक्‍स देने वालों के पैसे के बिना दिल्ली को बढ़ि‍या स्टेडियम दिलाया। यह देखकर बुरा लगा कि कुछ पूर्व खिलाड़ी डीडीसीए में जो भी गलत है उसके लिए अरूण जेटली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जबकि उनके कारण उन्होंने डीडीसीए में बड़े पद का लुत्फ उठाया है।’’ बता दें कि बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने भी कहा है कि वो रविवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके डीडीसीए में घोटाले से पर्दा उठाएंगे।

सहवाग ने भी किया बचाव इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सहवाग किसी भी तरह का राजनीतिक बयान देने से बचे लेकिन उन्होंने ट्वीट करके खिलाड़ियों की मदद में जेटली की भूमिका के लिए उनकी सराहना की। इस रणजी सत्र में दिल्ली की जगह हरियाणा से खेलने वाले सहवाग ने लिखा, ‘डीडीसीए के साथ जुड़े रहने के दौरान अगर मुझे कभी भी किसी खिलाड़ी के हैरानी भरे चयन के बारे में पता चला तो मुझे सिर्फ अरुण जेटली को सूचना देनी होती थी। वह तुरंत सुनिश्चित करते थे कि सुधार हो और डीडीसीए में हकदार खिलाड़ी के साथ न्याय हो।’

भारत की ओर से 104 टेस्ट खेलने वाले सहवाग ने कहा, ‘डीडीसीए में कुछ अन्य से बात करना बुरे सपने की तरह था, लेकिन जेटली मुश्किल के समय हमेशा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध रहते थे।’

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