ताज़ा खबर
 

देश-भर में बकरीद का जश्न, तो जम्मू-कश्मीर में फहराए गए PAK और ISIS के झंडे

जहां एक ओर देश भर में बकरीद मनाई जा रही है, सभी हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पाकिस्तानी औपर इस्लामिक स्टेट के झंडे फहराए जा रहे हैं।

जहां एक ओर देश भर में बकरीद मनाई जा रही है, सभी हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पाकिस्तानी औपर इस्लामिक स्टेट के झंडे फहराए जा रहे हैं।

जहां एक ओर देश भर में बकरीद मनाई जा रही है, सभी हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पाकिस्तानी औपर इस्लामिक स्टेट के झंडे फहराए जा रहे हैं।

घाटी में बकरीद के दौरान ईदगाह इलाके में नमाज के बाद भीड़ ने पुलिस और सिक्युरिटी फोर्सेज पर पथराव किया और काले और हरे झंडे फहराए। हालांकि पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हिंसक प्रदर्शन में कई लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल कुछ युवाओं ने भारत विरोधी नारेबाजी भी की।

यह कैसी बकरीद… हजयात्रा बना मौतयात्रा: मक्का में भगदड़ से 717 की मौत, 14 भारतीय सहित 863 घायल 
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर सरकार पहले से ही बकरीद के मौके पर ऐसी घटनाओं की आशंका जताई थी। इसको लेकर कुछ अलगाववादी नेताओं को नरजबंद भी किया गया था।

बताते चलें कि इन दिनों जहां एक ओर पाकिस्तान की आईएसआई और नेवी हजारों आतंकियों को भारत पर हमले की ट्रेनिंग दे रही है तो वहीं दूसरी ओर मुंबई आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अपने संगठन जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा के लिए पैसा जुटा रहा है।

बताया जा रहा है कि इसके लिए आतंकी संगठन बकरीद के दिन दी जाने वाली कुर्बानी के बाद मवेशियों की खालों को इकट्ठा करने के लिए सीमा के करीब के इलाकों में अपने आदमियों की तैनाती कर चुका है। इन खालों को बेचकर मोटी रकम कमाई जाती है। एजेंसियों ने इस बारे में अलर्ट जारी किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जानवरों की खालों से 35 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जुटाई गई थी।
जहां एक ओर घाटी के कुछ इलाके ईदनुमा माहौल में है तो वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में भारत विरोधी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। जैसे कि ईदगाह में नमाज के बाद पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट (IS) के झंडे लहराए जाना और रोकने पर प्रदर्शनकारियों का पुलिस पर पत्थरबाजी करना और इंडियन आर्मी पर से भिड़ जाना आदि।

दरअसल, ये प्रदर्शन कारी जम्मू-कश्मीर में गौमांस की बिक्री पर रोक के फैसले का विरोध कर रहे थे। अनंतनाग में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। सरकार ने राज्य में इंटरनेट सर्विस भी अस्थायी रूप से बंद कर दी, ताकि हालात काबू से बाहर न होने पाएं।

गौरतलब है कि इंटरनेट के माध्यम से आतंकवादी अपने करतूतों को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं, यही वजह है कि इंटरनेट को बाधित कर दिया गया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 PM मोदी के गुरू को गंगा किनारे दी गई भू समाधि
2 हमें मालूम है अपनी लक्ष्मण रेखा: सुप्रीम कोर्ट
3 पेशेवर अपराधी सरीखा बर्ताव कर रहे हैं सोमनाथ भारती: पुलिस
ये पढ़ा क्या?
X