तमिलनाडु में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार पर किसानों को फसल कर्ज माफी के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उदयनिधि ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान विजय की TVK ने किसानों से बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन सत्ता में आने के बाद अब उन वादों से पीछे हट रही है। उन्होंने इसे किसानों के साथ ‘विश्वासघात’ करार दिया।
उदयनिधि ने कहा कि चुनावों के दौरान TVK ने घोषणा की थी कि 5 एकड़ तक जमीन रखने वाले किसानों का पूरा फसल ऋण माफ किया जाएगा। इस वादे के आधार पर किसानों ने सरकार पर भरोसा जताया था। लेकिन अब सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि केवल 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण ही पूरी तरह माफ किए जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही किसानों से किया गया वादा था?
उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर सिर्फ कर्ज माफी ही नहीं बल्कि मुफ्त बिजली योजना को लेकर भी लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की बात कही गई थी। लेकिन बाद में सरकार ने शर्त जोड़ दी कि अगर कोई उपभोक्ता 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करता है तो उसे यह सुविधा नहीं मिलेगी। उदयनिधि ने इसे ‘जनता को गुमराह करने वाली राजनीति’ बताया।
उन्होंने अपने पोस्ट में तीखा तंज कसते हुए लिखा कि अब फसल ऋण माफी के नाम पर भी ‘स्कैम’ किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि क्या जनता को आने वाले समय में ऐसे और भी धोखों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए?
राज्य में पहली बार सरकार बनाने वाली टीवीके को लगातार विपक्ष घेरने की कोशिश कर रहा है। अभी तक सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जोसेफ विजय की नजरें अकेले बहुमत छूने पर
AIADMK के बागी तीन विधायकों ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया और तमिलगा वेट्री कडगम (टीवीके) में शामिल हो गए। अब टीवीके के इस कदम से तमिलनाडु के राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है कि टीवीके अपनी बहुमत जुटाने की योजना में लगी हुई। टीवीके अकेले के दम पर बहुमत के आंकड़े 118 तक पहुंचना चाहती है।
