सस्ती किंगफिशर बीयर विदेश में महंगी बेच माल्या का पूर्व सहयोगी जुटा रहा पैसे, कानूनी लड़ाई में हो रहा इस्तेमाल!

2018 से पहले, यूबीएल का एक्सपोर्ट बिजनेस यूबी ग्लोबल देखती थी, जो माल्या के अधिकार वाले फर्म यूनाइटेड ब्रिवरीज होल्डिंग लिमिटेड की ही सहायक कंपनी थी।

भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या।

एक विसिलब्लोअर की शिकायत के आधार पर जांच एजेंसियां बेंगलुरु की एक कंपनी की तफ्तीश करने में जुट गई हैं। मार्च 2018 में शुरू की गई यह कंपनी भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के पूर्व सहयेागी वी शशिकांत चलाते हैं। एजेंसियां शशिकांत और माल्या के कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं।

विसिलब्लोअर ने यूनाइटेड ब्रिवरीज लिमिटेड (यूबीएल) के समक्ष शिकायत की है। इस शिकायत में शराब कंपनी के एक्सपोर्ट एजेंट अल्टीमेट ब्रैंडिंग वर्ल्डवाइड और के वी शशिकांत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शशिकांत पर आरोप है कि वे सस्ती कीमतों पर किंगरफिशर बीयर विदेशों में स्थित एक ‘फ्रंट’ कंपनी को एक्सपोर्ट कर रहे हैं। यह कंपनी इसे यूएई, मलेशिया और सिंगापुर में महंगे कीमत पर बेच रही है। आरोप है कि इस तरीके से कमाया जा रहा मुनाफा माल्या तक ‘ओवरलैपिंग ट्रांजेक्शंस’ के जरिए पहुंचाया जा रहा है और माल्या इस रकम का इस्तेमाल अपने दैनिक गुजारे और कानूनी खर्च में कर रहे हैं।

शिकायत मिलने के बाद प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत माल्या की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने 24 जुलाई को अल्टीमेट ब्रैंडिंग वर्ल्डवाइज के दफ्तर की तलाशी ली। शिकायत में कहा गया है कि अल्टीमेट ब्रैंडिंग के पास मार्च 2018 से किंगरफिशर बीयर के सभी ब्रैंड्स के एक्सपोर्ट और बिक्री संबंधित एकाधिकार हैं।

शिकायत के मुताबिक, यह कंपनी शारजाह स्थित कंपनी टैमी इंटरनैशनल एफजेडई को बीयर एक्सपोर्ट कर रही है। टैमी इंटरनैशनल कथित तौर पर शशिकांत के दामाद की कंपनी है। आरोप लगाया गया है कि अल्टीमेट ब्रैंडिंग को बढ़िया बिजनेस लाने और किंगरफिशर बीयर को इंटरनैशनल मार्केट में फ्रंट कंपनियों के जरिए बेचकर डॉलर में बढ़िया मुनाफा कमाने के लिए यूबीएल की ओर से कमीशन मिल रहा है।

बता दें कि 2018 से पहले, यूबीएल का एक्सपोर्ट बिजनेस यूबी ग्लोबल देखती थी, जो माल्या के अधिकार वाले फर्म यूनाइटेड ब्रिवरीज होल्डिंग लिमिटेड की ही सहायक कंपनी थी। फिलहाल नीदरलैंड्स की बीयर निर्माता कंपनी हैनकिन की यूबीएल में सबसे ज्यादा 46 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वहीं, यूबीएल में माल्या और उनकी कुछ कंपनियों की हिस्सेदारी महज 11 प्रतिशत है। हालांकि, माल्या के इन शेयरों को ईडी ने किंगफिशर एयरलाइंस के दिवालिया होने के बाद लोन की रकम न चुका पाने की वजह से जब्त कर लिया था।

माल्या यूबीएल के बोर्ड से 2017 में हट गए थे। दरअसल, सेबी के आदेश की वजह से माल्या किसी भी लिस्टेड कंपनी के डायरेक्टर बनने के लिए अयोग्य हो गए थे। माल्या ने इस मामले पर ईमेल के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने टैमी इंटरनैशनल के बारे में कभी नहीं सुना और उनका इस कंपनी से कोई संबंध नहीं है।

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